अगर आप “protein ke liye veg khana” search करते हैं, तो अक्सर यही कहा जाता है कि protein powder का डिब्बा खरीद लें या अंडे खाना शुरू कर दें। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपको इन दोनों में से किसी की ज़रूरत नहीं है। भारत में रोज़ खाए जाने वाले high-protein शाकाहारी खाने पहले से आपकी रसोई में हैं: दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दही, दूध, बेसन, अंकुरित अनाज, मूँगफली और तिल। मायने इस बात के हैं कि इनकी कितनी मात्रा मिलकर आपका रोज़ का लक्ष्य पूरा करती है।
Body mass index (BMI), कमर, tests और इलाज के लिए हमारी भारतीयों के लिए weight management guide देखें। अगर आप insulin या sugar घटाने वाली tablets लेते हैं, तो खाने के तरीके में कोई भी बदलाव पहले अपने doctor से तय करें।
आपको दिन में कितना protein चाहिए
ICMR-NIN स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं के लिए शरीर के हर kg वज़न पर दिन में 0.83 g protein recommend करता है। यानी 65 kg के वयस्क के लिए लगभग 54 g, और ICMR-NIN कहता है कि यह मात्रा आपके gender या activity level से नहीं बदलती।
| शरीर का वज़न | 0.83 g प्रति kg के हिसाब से रोज़ का protein (हमारा हिसाब, round करके) |
|---|---|
| 50 kg | लगभग 42 g |
| 60 kg | लगभग 50 g |
| 70 kg | लगभग 58 g |
| 80 kg | लगभग 66 g |
ICMR-NIN के sample diets 65 kg के reference पुरुष और 55 kg की reference महिला के लिए बने हैं, और दोनों का BMI healthy है। अगर आपका वज़न healthy वज़न से काफ़ी ज़्यादा है, तो अपने अभी के वज़न से गुणा करने की जगह dietitian से पूछें कि किस वज़न से हिसाब लगाएँ।
कुछ हालतों में तस्वीर बदल जाती है:
- वज़न घटाते समय। ICMR-NIN कहता है कि वज़न घटाने वाली आम diet के दौरान energy का लगभग 15% protein से लेने से muscle बचाने में मदद मिल सकती है। ज़्यादा protein चर्बी नहीं जलाता।
- Muscle बनाने के लिए। Protein muscle बनाने में तभी काम आता है जब कुल खाना काफ़ी हो और नियमित strength exercise हो। ICMR-NIN बताता है कि दिन में लगभग 1.6 g/kg से ज़्यादा protein लेने से resistance training से बनने वाली muscle में कोई और बढ़त नहीं होती।
- Pregnancy और स्तनपान। ICMR-NIN दूसरी trimester में दिन में 8 g, तीसरी में 18 g, और स्तनपान के दौरान लगभग 11–14 g extra protein जोड़ता है। अपने लिए अलग सलाह लें।
- Menopause के बाद। हमारी menopause diet guide ICMR-NIN के number की तुलना Indian Menopause Society के number से करती है।
क्या भारतीय शाकाहारियों को काफ़ी protein मिलता है?
ग्राम के हिसाब से अक्सर हाँ, लेकिन हमेशा सही खानों से नहीं। दो भारतीय स्रोत इस कमी को अलग-अलग तरह से बताते हैं।
- ICMR-NIN कहता है कि एक वयस्क के रोज़ के खाने से अक्सर 60–70 g protein मिल जाता है, जो ज़रूरत से ज़्यादा है, और असली चुनौती quality की है: सभी essential amino acids मिलना।
- Indian Council of Medical Research–India Diabetes (ICMR-INDIAB) survey ने 18,090 वयस्कों के खाने का analysis किया और यह 2025 में छपा। इसमें पाया गया कि energy का सिर्फ़ लगभग 12% protein से आ रहा था, जिसे इसके authors 15% के guideline number के मुकाबले कम बताते हैं। ज़्यादातर protein पौधों से मिलने वाले खानों से, खासकर अनाज से आ रहा था, और dairy से बहुत कम।
ICMR-NIN यह भी बताता है कि दालें, मांस, poultry और मछली भारतीयों को रोज़ की energy का सिर्फ़ 6–9% देते हैं, जबकि यह 14% recommend करता है। हमारी राय में: बहुत-सी plates ग्राम का लक्ष्य इसलिए पूरा कर लेती हैं क्योंकि चावल और रोटी बहुत खाए जाते हैं, लेकिन दाल, दही, पनीर और सोया का हिस्सा छोटा रहता है। इन्हें ज़्यादा जोड़ें, अनाज नहीं।
Protein quality: दाल-चावल क्यों काम करता है
अनाज और दालें एक-दूसरे की कमी पूरी करते हैं। ICMR-NIN समझाता है कि अनाज में lysine नाम का amino acid कम होता है लेकिन methionine ज़्यादा, जबकि दालों में इसका उल्टा होता है। साथ खाने पर ये सभी नौ essential amino acids दे देते हैं।
- 3:1 का ratio। ICMR-NIN कच्चे वज़न के हिसाब से लगभग 3 हिस्से अनाज और 1 हिस्सा दाल का सुझाव देता है, जैसे 60 g चावल के साथ 20 g दाल। दाल-चावल, खिचड़ी, इडली-सांभर, राजमा-रोटी और डोसा पहले से इसी pattern पर चलते हैं। इसके weight management वाले chapter में, और हमारे hub में भी, 3:1 या 5:1 लिखा है; यह page 3:1 लेता है, जो ICMR-NIN की protein guidance का number है।
- दूध मदद करता है। ICMR-NIN कहता है कि रोज़ 250 ml दूध जोड़ने से शाकाहारी खाने का amino-acid संतुलन और बेहतर होता है।
- Nuts और seeds दालों की कमी भरते हैं। ICMR-NIN अनाज, millets, nuts और seeds को methionine के पूरक के रूप में गिनाता है, जिसकी दालों में कमी होती है।
- पचने की क्षमता (digestibility)। ICMR-NIN के अनुसार ज़्यादातर शाकाहारी खानों के protein की digestibility 70–85% होती है; जानवरों से मिलने वाला protein ज़्यादा आसानी से absorb होता है।
भारत के high-protein शाकाहारी खाने: प्रति 100 g protein
नीचे के numbers ICMR-NIN की Indian Food Composition Tables 2017 (IFCT) से हैं। IFCT के values कच्चे खाने के खाने लायक हिस्से के प्रति 100 g के हैं। पकी दाल में ज़्यादातर पानी होता है, इसलिए 100 g पकी दाल में 100 g सूखी दाल से कहीं कम protein होता है। Serving वाला column कच्चे वज़न से हमारा अपना हिसाब है; घर की कटोरियाँ और recipes अलग-अलग होती हैं।
| खाना | प्रति 100 g protein, कच्चा (IFCT 2017) | रोज़ की एक serving और उसका protein (हमारा हिसाब) |
|---|---|---|
| सोयाबीन, साबुत | 35.6 g (भूरा), 37.8 g (सफ़ेद) | 30 g सूखा, भिगोकर और पकाकर: लगभग 11 g |
| मसूर दाल | 24.4 g | 30 g कच्ची (लगभग 2 बड़े चम्मच, पकने पर मोटे तौर पर एक छोटी कटोरी): लगभग 7 g |
| मूँग दाल | 23.9 g | 30 g कच्ची: लगभग 7 g |
| उड़द दाल | 23.1 g | 30 g कच्ची: लगभग 7 g |
| साबुत मूँग (अंकुरित करने के लिए) | 22.5 g | 40 g सूखी, अंकुरित होकर लगभग एक कटोरी: लगभग 9 g |
| तूर (अरहर) दाल | 21.7 g | 30 g कच्ची: लगभग 6.5 g |
| चना दाल (बेसन पिसी हुई चना दाल ही है) | 21.6 g | 40 g बेसन, लगभग 2 चीले: लगभग 8.5 g |
| कुलथी (horse gram) | 21.7 g | 30 g कच्ची: लगभग 6.5 g |
| लोबिया (cowpea) | 20.4 g | 30 g कच्चा: लगभग 6 g |
| राजमा, लाल | 19.9 g | 30 g कच्चा: लगभग 6 g |
| काला चना, साबुत | 18.8 g | 30 g कच्चा या एक मुट्ठी भुना: लगभग 5.5 g |
| पनीर | 18.9 g (साथ में 24.8 g fat) | 50 g: लगभग 9.5 g |
| दूध, भैंस का | 3.7 g | 1 गिलास (200 ml): लगभग 7.5 g |
| दूध, गाय का | 3.3 g | 1 गिलास (200 ml): लगभग 6.5 g |
| मूँगफली | 23.7 g | एक छोटी मुट्ठी (30 g): लगभग 7 g |
| हलीम के बीज (garden cress seeds) | 23.4 g | 1 छोटा चम्मच (5 g): लगभग 1 g |
| तिल, सफ़ेद | 21.7 g | 1 बड़ा चम्मच (लगभग 10 g): लगभग 2 g |
| अलसी (linseed) | 18.6 g | 1 बड़ा चम्मच (लगभग 10 g): लगभग 2 g |
| बादाम | 18.4 g | लगभग 10 बादाम (12 g): लगभग 2 g |
| गेहूँ का आटा | 10.6 g | 2 फुलके (60 g आटा): लगभग 6 g |
| बाजरा | 11.0 g | बाजरे की 2 रोटियाँ (60 g आटा): लगभग 6.5 g |
| चावल, पॉलिश किया (milled) | 7.9 g | 1 कटोरी पका (50 g कच्चा): लगभग 4 g |
तीन खाने IFCT में नहीं हैं, इसलिए हमने guide के तौर पर US Department of Agriculture (USDA) के values लिए हैं: सादे whole-milk yogurt (full-cream दही) में प्रति 100 g लगभग 3.5 g protein होता है, इसलिए 150 g की एक कटोरी दही से लगभग 5 g मिलता है; firm tofu में लगभग 17 g और soft (regular) tofu में लगभग 8 g; और defatted soy flour (तेल निकाला हुआ सोया आटा) में लगभग 51 g। सोया chunks के labels अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपना packet देखें।
Dairy, सोया, दालों और nuts से पूरा फ़ायदा कैसे लें
Dairy: पनीर, दही और दूध
पनीर में protein भरपूर है, लेकिन fat भी खूब है, इसलिए 50 g को एक serving मानें, पूरा bowl नहीं। दही और दूध से प्रति कटोरी कम protein मिलता है, लेकिन इन्हें हर meal में जोड़ना आसान है; ICMR-NIN की 2,000 kcal वाली plate में दिन में 300 ml दूध या दही शामिल है।
सोया: chunks और tofu
IFCT की दालों वाली table में सोयाबीन सबसे ज़्यादा protein वाला खाना है। India के National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management के अनुसार सोया chunks defatted soy flour को मशीन से दबाकर (extrusion से) बनाए जाते हैं, इसीलिए इनमें protein इतना ज़्यादा होता है। हमारे हिसाब से, एक छोटी मुट्ठी (25 g सूखे) chunks फूलकर लगभग एक कटोरी हो जाते हैं और मोटे तौर पर 13 g protein देते हैं।
एक बारीकी: ICMR-NIN की processing वाली table में बाज़ार में बने सोया chunks और tofu “with additives” (additives वाले) को extensively processed खानों में गिना गया है। सादे chunks और छोटी ingredient list वाला tofu चुनें, और इन्हें कई protein स्रोतों में से एक मानें, साबुत सोयाबीन, दाल और चने के साथ।
दालें, अंकुरित अनाज और बेसन
दालें बदल-बदलकर खाएँ: ज़्यादातर दालें प्रति 100 g कच्चे वज़न पर 20–24 g protein देती हैं। ICMR-NIN बताता है कि दालों से मिलने वाला protein मांस, अंडे या दूध के protein से सस्ता पड़ता है, और दालों में fat कम और fibre ज़्यादा होता है। ICMR-NIN के अनुसार अंकुरित करने से iron का absorption बेहतर होता है। अंकुरित अनाज पानी सोखने से सूखे दाने से भारी हो जाते हैं, इसलिए उनकी तुलना उस सूखी मात्रा से करें जिससे आपने शुरू किया था। बेसन भी दाल ही गिना जाता है: चीला, ढोकला, मिस्सी रोटी और कढ़ी, सब अनाज वाले meal में protein जोड़ते हैं।
Nuts और seeds
मूँगफली, तिल, अलसी और हलीम के बीजों में प्रति 100 g 18–24 g protein होता है, लेकिन इनमें fat और calories भी ज़्यादा होती हैं, इसलिए portion छोटा रखें। ICMR-NIN की 2,000 kcal वाली plate में दिन में लगभग 35 g nuts और seeds की गुंजाइश है: जैसे पोहे, चटनी या सब्ज़ी में एक चम्मच तिल या मूँगफली।
एक दिन के दो उदाहरण, जिनसे लगभग 50 g protein मिलता है
ये दिन दिखाते हैं कि 60 kg का वयस्क मोटे तौर पर 50 g protein तक कैसे पहुँच सकता है। ये उदाहरण हैं, prescription नहीं, और इनमें कोई calorie target नहीं है। हर meal का protein IFCT के कच्चे वज़न से हमारा round किया हुआ हिसाब है (दही और सोया chunks के लिए USDA); सब्ज़ियों और चाय के दूध से थोड़ा और मिलता है। अगर आप insulin या sugar घटाने वाली tablets लेते हैं, तो कोई भी बदलाव पहले अपने doctor से तय करें; हमारा भारतीय diabetes diet chart पूरी plate दिखाता है।
एक दिन का उदाहरण 1: शाकाहारी (dairy के साथ)
| Meal | उदाहरण | Protein (लगभग) |
|---|---|---|
| नाश्ता | प्याज़, टमाटर और पालक वाले 2 बेसन चीले (40 g बेसन); 1 कटोरी दही (150 g) | 14 g |
| शाम | चाय के साथ एक मुट्ठी (30 g) भुना चना | 6 g |
| दोपहर का खाना | 2 फुलके (60 g आटा), 1 कटोरी राजमा (30 g कच्चा), लौकी की सब्ज़ी, सलाद | 12 g |
| रात का खाना | 1 कटोरी चावल (50 g कच्चा), 1 कटोरी मूँग दाल (30 g कच्ची), 50 g पनीर वाला पालक पनीर | 21 g |
| कुल | लगभग 52 g |
एक दिन का उदाहरण 2: vegan की ओर (बिना dairy)
| Meal | उदाहरण | Protein (लगभग) |
|---|---|---|
| नाश्ता | 50 g साबुत मूँग से बने 2 पेसरट्टू (मूँग का डोसा), मूँगफली की चटनी के साथ (15 g मूँगफली) | 15 g |
| दोपहर का खाना | 1 कटोरी चावल (50 g कच्चा), 30 g तूर दाल वाला सांभर, सोया chunks की करी (25 g सूखे chunks), एक सब्ज़ी की पोरियल | 23 g |
| शाम | नींबू और प्याज़ के साथ 1 कटोरी अंकुरित मूँग की चाट (40 g सूखी मूँग) | 9 g |
| रात का खाना | 2 रोटियाँ (60 g आटा), काले चने की करी (30 g कच्चा), मिली-जुली सब्ज़ी | 12 g |
| कुल | लगभग 59 g |
सिर्फ़ पौधों वाला दिन जानबूझकर थोड़ा ऊपर रखा गया है, क्योंकि पौधों का protein पूरी तरह नहीं पचता। ICMR-NIN कहता है कि जो vegans सब्ज़ियाँ, beans, अनाज, nuts और seeds वाला विविध खाना खाते हैं, उन्हें काफ़ी protein पाने में कोई दिक्कत नहीं होती, और 3:1 का अनाज-दाल combination सबसे असरदार रास्ता है।
क्या आपको protein powder की ज़रूरत है?
नहीं। ICMR-NIN के शब्दों में, “सामान्य सेहतमंद ज़िंदगी के लिए protein powders ज़रूरी नहीं हैं।” यह यह भी कहता है:
- ज़्यादातर athletes सिर्फ़ खाने से काफ़ी protein ले सकते हैं, और संतुलित खाने के ऊपर से supplements लेने से muscle ज़्यादा नहीं बनती।
- लंबे समय तक supplement के रूप में बहुत ज़्यादा protein लेना हड्डियों के minerals घटने (bone mineral loss) से जुड़ा पाया गया है।
- Whey में branched-chain amino acids भरपूर होते हैं, और हाल के सबूत सुझाव देते हैं कि इनसे कुछ लंबी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
- Powders में added sugar, sweeteners और artificial flavouring हो सकते हैं।
अगर doctor ने किसी medical वजह से, जैसे बीमारी से उबरने के लिए, nutrition supplement की सलाह दी है, तो उनकी सलाह मानें।
Kidney की बीमारी, vitamin B12 और दूसरी सावधानियाँ
Kidney की बीमारी: अपने आप protein न बढ़ाएँ
ICMR-NIN चेतावनी देता है कि जिन लोगों को पहले से kidney की बीमारी है, उनमें ज़्यादा protein kidneys को नुकसान पहुँचा सकता है या kidney function बिगाड़ सकता है। US का National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) जोड़ता है कि chronic kidney disease वाले कुछ लोगों को मध्यम मात्रा में protein चाहिए, बहुत कम protein से कुपोषण (malnutrition) का खतरा रहता है, और dialysis पर रहने वाले लोगों को ज़्यादा protein की ज़रूरत हो सकती है। अपनी मात्रा अपने doctor या kidney dietitian के साथ तय करें।
शाकाहारियों के लिए vitamin B12
ICMR-NIN शाकाहारियों के लिए B12 को चिंता वाला nutrient बताता है और कहता है कि दूध में इसकी मात्रा कम होती है; दही, अंडे और मांस-मछली इसके दूसरे स्रोत हैं। US के National Institutes of Health का Office of Dietary Supplements कहता है कि fortified न हों तो पौधों से मिलने वाले खानों में B12 नहीं होता, शाकाहारियों और vegans को शायद काफ़ी B12 न मिले, और कमी के लक्षण दिखने में सालों लग सकते हैं। लंबे समय तक ली जाने वाली कुछ दवाएँ, जिनमें diabetes की एक आम दवा भी है, B12 का absorption घटा सकती हैं। अगर आप dairy कम या बिल्कुल नहीं लेते, तो doctor से पूछें कि क्या B12 test आपके लिए ठीक रहेगा।
Allergy और eating disorders
- ICMR-NIN दूध का protein, मूँगफली, tree nuts (बादाम, काजू जैसे पेड़ पर उगने वाले nuts) और सोयाबीन को आम allergy पैदा करने वाले खानों में गिनाता है।
- अगर आपको अभी या पहले कभी eating disorder रहा है, तो ग्राम गिनना नुकसान कर सकता है; ऐसे doctor के साथ काम करें जो आपका इतिहास जानते हों।
Doctor को कब दिखाएँ
ज़्यादातर स्वस्थ वयस्क protein वाले खाने खुद जोड़ सकते हैं। इन हालतों में doctor को दिखाएँ। पूरी list hub के “Doctor को कब दिखाएँ” वाले हिस्से में है।
Emergency: तुरंत मदद लें
- मूँगफली, सोया या दूध जैसा कोई खाना खाने के बाद साँस लेने में दिक्कत, या होंठ, जीभ या गले में सूजन।
- Diabetes वाले व्यक्ति में बहुत low blood sugar, जब वह सामान्य रूप से जवाब न दे रहा हो, उसे दौरा पड़े या वह बेहोश हो जाए।
- सूजन के साथ साँस फूलना, सीने में दर्द या बेहोशी जैसा महसूस होना।
जल्दी जाँच: कुछ दिनों के अंदर
- चेहरे, पैरों या पेट में नई सूजन।
- हाथों या पैरों में सुन्न होना या झनझनाहट, या पीली त्वचा के साथ बहुत ज़्यादा थकान, खासकर अगर आप dairy कम या बिल्कुल नहीं लेते।
- Binge eating (बेकाबू होकर बहुत ज़्यादा खाना), जानबूझकर उल्टी करना या laxatives लेना, या बहुत कम खाना और साथ में चक्कर या बेहोशी।
Routine जाँच: diet बदलने से पहले
- आपको chronic kidney disease है या आप dialysis पर हैं।
- आप pregnant हैं, स्तनपान करा रही हैं या pregnancy की planning कर रही हैं।
Disha कैसे मदद कर सकती है
Disha एक AI health coach है जो हिंदी, English और Hinglish में chat और call करती है। यह आप जो खाना पहले से बनाते हैं, उसमें दाल, दही, पनीर, सोया या अंकुरित अनाज जोड़ने, पूरे दिन में protein बाँटने, और movement व नींद की आदतें बनाए रखने में मदद कर सकती है। Disha diagnosis नहीं करती, दवा नहीं लिखती और आपके doctor की जगह नहीं लेती, और यह emergency care नहीं देती। पढ़ें, Disha coaching कैसे काम करती है।
यह medical सलाह नहीं है। यह page वयस्कों (18+) के लिए सामान्य जानकारी है। इस page के आधार पर कोई दवा या supplement शुरू, बंद या बदलें नहीं। Emergency में 112 पर call करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शाकाहारी व्यक्ति को रोज़ कितना protein चाहिए?
उतना ही जितना किसी और को। ICMR-NIN स्वस्थ वयस्कों के लिए शरीर के हर kg वज़न पर दिन में 0.83 g protein recommend करता है, यानी 65 kg वाले व्यक्ति के लिए लगभग 54 g और 60 kg के लिए लगभग 50 g। यह gender या activity से नहीं बदलता। Pregnancy और स्तनपान में ज़रूरत बढ़ती है। अगर आपका वज़न healthy वज़न से काफ़ी ज़्यादा है, तो dietitian से पूछें कि किस वज़न से हिसाब लगाएँ।
किस भारतीय शाकाहारी खाने में सबसे ज़्यादा protein होता है?
Indian Food Composition Tables में सोयाबीन सबसे आगे है, प्रति 100 g कच्चे पर लगभग 36–38 g, और defatted soy flour से बने सोया chunks में protein इससे भी ज़्यादा होता है। रोज़ के खानों में मसूर, मूँग और उड़द जैसी दालें प्रति 100 g कच्चे पर 23–24 g देती हैं, मूँगफली लगभग 24 g और पनीर लगभग 19 g। याद रखें कि पकी दाल में ज़्यादातर पानी होता है, इसलिए एक कटोरी से कहीं कम मिलता है।
एक कटोरी दाल में कितना protein होता है?
यह इस पर निर्भर करता है कि कितनी सूखी दाल डाली गई। Indian Food Composition Tables से हमारे हिसाब के अनुसार, लगभग 30 g कच्ची दाल से बनी घर जैसी दाल की एक छोटी कटोरी से मोटे तौर पर 6–7 g protein मिलता है। पतली, पानी जैसी दाल से कम मिलता है; गाढ़ी दाल से ज़्यादा। इसे चावल या रोटी के साथ लगभग 3:1 के अनाज-दाल ratio में खाने से protein quality बेहतर होती है।
Protein के लिए पनीर बेहतर है या सोया?
दोनों अच्छे हैं; ये अलग-अलग ज़रूरतों के लिए ठीक बैठते हैं। प्रति 100 g पनीर में लगभग 19 g protein होता है, लेकिन साथ में लगभग 25 g fat भी। सोया chunks में protein कहीं ज़्यादा होता है, brand के हिसाब से प्रति 100 g सूखे पर मोटे तौर पर 50 g। छोटी ingredient list वाले सादे chunks चुनें, पनीर का portion लगभग 50 g रखें, और दोनों को दाल, चने और दही के साथ बदल-बदलकर खाएँ।
क्या शाकाहारी लोग protein powder के बिना काफ़ी protein पा सकते हैं?
हाँ। ICMR-NIN कहता है कि सामान्य सेहतमंद ज़िंदगी के लिए protein powders ज़रूरी नहीं हैं, और ज़्यादातर athletes भी अपनी ज़रूरत खाने से पूरी कर सकते हैं। यह यह भी बताता है कि विविध खाना खाने वाले vegans को काफ़ी protein पाने में कोई दिक्कत नहीं होती। पूरे दिन में चावल या रोटी के साथ दाल, दही, दूध, पनीर, सोया, अंकुरित अनाज, बेसन और थोड़े nuts या seeds से ज़्यादातर वयस्कों का लक्ष्य पूरा हो जाता है।
क्या high-protein diet सबके लिए सुरक्षित है?
नहीं। ICMR-NIN चेतावनी देता है कि जिन लोगों को पहले से kidney की बीमारी है, उनमें ज़्यादा protein kidney function बिगाड़ सकता है, और लंबे समय तक बहुत ज़्यादा protein supplements लेना bone mineral loss से जुड़ा पाया गया है। अगर आपको kidney की बीमारी है, तो protein की मात्रा doctor के साथ तय करें। स्वस्थ वयस्कों के लिए लक्ष्य आम खाने से 0.83 g प्रति kg तक पहुँचना है, उससे बहुत आगे जाना नहीं।
क्या शाकाहारियों को vitamin B12 की चिंता करनी चाहिए?
इसके बारे में जानना ज़रूरी है। ICMR-NIN शाकाहारियों के लिए B12 को चिंता वाला nutrient बताता है, और दूध में इसकी मात्रा कम होती है। US का Office of Dietary Supplements कहता है कि fortified न हों तो पौधों से मिलने वाले खानों में B12 नहीं होता। अगर आप dairy कम या बिल्कुल नहीं लेते, या diabetes की दवा लंबे समय से लेते हैं, तो doctor से पूछें कि क्या B12 test आपके लिए ठीक रहेगा। खुद से supplements शुरू न करें।
स्रोत
- ICMR–National Institute of Nutrition. Dietary Guidelines for Indians. 2024. Guideline. इससे जुड़ी जानकारी: 0.83 g/kg का protein allowance (65 kg के लिए 54 g), gender या activity से अलग नहीं; 65 kg और 55 kg के reference वयस्क; वज़न घटाने के दौरान 15% energy protein से; protein muscle के लिए तभी काम आता है जब energy और exercise काफ़ी हों; लगभग 1.6 g/kg से ऊपर कोई और फ़ायदा नहीं; pregnancy और स्तनपान में extra protein; वयस्कों के खाने से अक्सर 60–70 g, और चुनौती quality की; दालें और मांस-मछली energy के 6–9%, जबकि लक्ष्य 14%; lysine और methionine; 3:1 का अनाज–दाल ratio (और weight वाले chapter में 3:1 या 5:1); 250 ml दूध; 70–85% digestibility; vegans और विविध खाना; दालें protein का सबसे सस्ता स्रोत; अंकुरण और iron; 2,000 kcal वाली plate पर 300 ml दूध या दही और 35 g nuts और seeds; protein powders ज़रूरी नहीं, bone mineral loss, whey और branched-chain amino acids, additives; ज़्यादा protein और पहले से मौजूद kidney की बीमारी; B12 चिंता वाला nutrient और इसके खाद्य स्रोत; processing वाली table में additives वाले बाज़ार के सोया chunks और tofu; आम food allergens।
- Longvah T, Ananthan R, Bhaskarachary K, Venkaiah K. Indian Food Composition Tables 2017. ICMR–National Institute of Nutrition, 2017. इससे जुड़ी जानकारी: कच्ची दालों, सोयाबीन, पनीर, दूध, nuts, seeds और अनाज के खाने लायक हिस्से के प्रति 100 g protein (और पनीर का fat); values कच्चे खाने के हैं।
- Anjana RM, Sudha V, Abirami K, Gayathri R, Manasa VS, Deepa M, Pradeepa R, Unnikrishnan R, et al. Dietary profiles and associated metabolic risk factors in India from the ICMR–INDIAB survey-21. Nature Medicine, 2025. Observational (cross-sectional) राष्ट्रीय survey। इससे जुड़ी जानकारी: 18,090 वयस्कों का खाना; energy का लगभग 12% protein से, जिसे 15% के guideline number के मुकाबले कम बताया गया; सबसे बड़ा हिस्सा पौधों से मिलने वाले protein का, और dairy व जानवरों से मिलने वाले खानों से बहुत कम।
- US Department of Agriculture. FoodData Central: Tofu, raw, firm, prepared with calcium sulfate (साथ में regular tofu, defatted soy flour और plain whole-milk yogurt की entries). SR Legacy data, 25 सितंबर 2026 को देखा गया। इससे जुड़ी जानकारी: प्रति 100 g लगभग 17.3 g (firm tofu), 8.1 g (regular tofu), 51.5 g (defatted soy flour) और 3.5 g (plain whole-milk yogurt) protein; इनका इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि IFCT 2017 में इन खानों की entries नहीं हैं।
- National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management (NIFTEM). Processing of soya chunks. PMFME scheme की training material, 2022. इससे जुड़ी जानकारी: सोया chunks defatted soy flour से extrusion से बनते हैं, जो सोया तेल निकालने के बाद बचा by-product है।
- National Institutes of Health, Office of Dietary Supplements. Vitamin B12: Fact Sheet for Consumers. 15 दिसंबर 2023 को update किया गया। इससे जुड़ी जानकारी: fortified न हों तो पौधों वाले खानों में B12 नहीं; शाकाहारियों और vegans को शायद काफ़ी न मिले; कमी के लक्षण दिखने में सालों लग सकते हैं; सुन्न होना, झनझनाहट, थकान और पीली त्वचा संकेत के रूप में; diabetes की एक आम दवा absorption घटा सकती है।
- National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases. Healthy Eating for Adults with Chronic Kidney Disease. पिछली review जनवरी 2025। इससे जुड़ी जानकारी: chronic kidney disease वाले कुछ लोगों को मध्यम मात्रा में protein चाहिए; बहुत कम protein से malnutrition का खतरा; dialysis वालों को ज़्यादा की ज़रूरत हो सकती है; मात्रा dietitian या health professional के साथ तय करना।
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- India में weight management: BMI, tests और रोज़ की देखभाल: मुख्य guide (hub); Asian BMI और कमर के cut-offs, tests, इलाज और खतरे के संकेत, और protein पर सिर्फ़ एक paragraph।
- वज़न घटाने के लिए भारतीय diet plan: आपका अपना खाना, बेहतर हिस्सों में: कटोरी में पूरी plate, तेल और चीनी की सीमा, और एक दिन के तीन उदाहरण।
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