Scan की report या doctor से मिलने के बाद बहुत सी महिलाएँ घर जाकर यही पूछती हैं: मुझे ही क्यों? India में इसे अक्सर “pcod kyu hota hai” लिखकर search किया जाता है। रिश्तेदार junk food, तनाव या देर से शादी को दोष दे सकते हैं। सच्चा जवाब इनसे ज़्यादा नरम है, और ज़्यादा काम का भी।
PCOD और PCOS एक ही hormonal condition के दो नाम हैं, जिसे अब polyendocrine metabolic ovarian syndrome (PMOS) भी कहा जाता है। यह क्या है, इसके लक्षण और diagnosis जानने के लिए हमारा PCOS hub: लक्षण, tests और इलाज देखें।
PCOD के कारण: doctors क्या जानते हैं, और क्या अभी पता नहीं है
अभी तक कोई एक कारण नहीं मिला है। National Health Service (NHS) कहता है कि कारण पता नहीं है, लेकिन इसका संबंध insulin और testosterone जैसे hormones के ठीक से काम न करने से हो सकता है। US का Eunice Kennedy Shriver National Institute of Child Health and Human Development (NICHD) कहता है कि genes और माहौल, दोनों का योगदान होता है।
Researchers कुछ जुड़ी हुई समस्याएँ बताते हैं जो एक-दूसरे को बढ़ाती हैं:
- विरासत में मिले genes कुछ महिलाओं में इसकी संभावना बढ़ाते हैं।
- Insulin resistance: blood sugar normal रखने के लिए शरीर को सामान्य से ज़्यादा insulin चाहिए होता है, इसलिए insulin बढ़ा रहता है।
- बढ़े हुए androgens: ovaries सामान्य से ज़्यादा testosterone जैसे hormones बनाती हैं।
- दिमाग से ovary तक तेज़ signal: दिमाग ज़्यादा luteinising hormone (LH) छोड़ता है, जो ovaries को और androgens बनाने के लिए धकेलता है।
वज़न, खासकर कमर के आसपास, इन सबको बढ़ा देता है। हर समस्या दूसरी को बिगाड़ती है, इसलिए PCOD लंबे समय तक रहने वाली condition है और हर महिला में अलग दिखती है।
Genes और परिवार का इतिहास: सबसे बड़ा जाना-पहचाना risk factor
PCOD परिवारों में चलता है। US National Library of Medicine का MedlinePlus अनुमान लगाता है कि PCOS वाली 20 से 40 प्रतिशत महिलाओं की माँ या बहन को भी यह होता है। Endocrine Society का एक scientific statement एक family study बताता है जिसमें PCOS वाली महिलाओं की 22% बहनों में भी इसके criteria पूरे हुए, और एक बड़ी Dutch twin study जिसमें PCOS के 72% फ़र्क की वजह genes थे।
कोई एक “PCOD gene” नहीं है। NICHD कहता है कि research 19 संभावित gene variants की ओर इशारा करती है जो खतरा बढ़ाते हैं। MedlinePlus समझाता है कि ये variations आम हैं: बहुत सी महिलाओं में इनमें से कुछ होते हैं और उन्हें कभी PCOS नहीं होता। असर इनके मेल का, और सेहत और lifestyle के साथ उनके मेल का होता है।
परिवार में PCOD होने से आपका खतरा बढ़ता है; आपका भविष्य तय नहीं होता। अगर आपकी माँ या बहन को PCOD है और आपके periods अनियमित हैं, acne है या ज़्यादा बाल हैं, तो doctor को बताएँ।
Insulin resistance और बढ़ा हुआ insulin
Insulin खून से sugar को cells तक पहुँचाता है। Insulin resistance (जब शरीर insulin पर ठीक से respond नहीं करता) में cells कमज़ोर respond करते हैं, इसलिए blood sugar normal रखने के लिए pancreas ज़्यादा insulin बनाता है। 2023 की international PCOS guideline insulin resistance को PCOS का एक मुख्य feature और इसके बनने की प्रक्रिया का हिस्सा मानती है।
बढ़ा हुआ insulin सिर्फ़ sugar पर असर नहीं करता। Endocrine Society का statement समझाता है कि insulin ovaries में androgen बनने को बढ़ाता है और sex hormone-binding globulin (SHBG) को घटाता है, जो liver का एक protein है और testosterone को काबू में रखता है, इसलिए ज़्यादा testosterone असर करने के लिए खुला रहता है। NICHD इसे ऐसा चक्र कहता है जिसे तोड़ना मुश्किल है। बढ़ा हुआ insulin गर्दन की सिलवटों या बगल में काली, मखमली त्वचा (acanthosis nigricans) से भी जुड़ा है।
Insulin resistance सिर्फ़ वज़न की समस्या नहीं है। सबसे सटीक research test से की गई एक छोटी Australian study में insulin resistance PCOS वाली 75% दुबली महिलाओं में और ज़्यादा वज़न वाली PCOS की 95% महिलाओं में मिला, जबकि बिना PCOS वाली ज़्यादा वज़न की 62% महिलाओं में। इसमें ज़्यादातर गोरी (white) महिलाएँ थीं, लेकिन यह study इस बात का समर्थन करती है कि PCOS का अपना insulin resistance होता है, जिसे ज़्यादा वज़न और बढ़ा देता है।
“Fasting insulin” test कराने की जल्दी न करें। Guideline कहती है कि clinic में होने वाले insulin tests का clinical महत्व सीमित है और इन्हें routine care में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। Hub का diagnosis और tests वाला हिस्सा बताता है कि sugar के कौन-से tests पर बात करें।
बढ़े हुए androgens और दिमाग–ovary का hormone signal
Androgens, जैसे testosterone, ऐसे hormones हैं जो हर महिला थोड़ी मात्रा में बनाती है। PCOD में ovaries इन्हें सामान्य से ज़्यादा बनाती हैं। NICHD समझाता है कि ज़्यादा androgens दिमाग के उन signals में रुकावट डाल सकते हैं जो ovulation को control करते हैं, इसलिए अंडा कभी-कभी ही निकलता है या बिल्कुल नहीं। ये अंडे की छोटी थैलियों (follicles) का बढ़ना भी रोक सकते हैं और वे जमा होती जाती हैं; scan पर यही “cysts” जैसी दिखती हैं।
दिमाग आमतौर पर LH और follicle-stimulating hormone (FSH) एक steady लय में छोड़ता है। Endocrine Society का statement बताता है कि PCOS में दिमाग के signal देने वाले hormone की धड़कन लगातार तेज़ रहती है, LH ज़्यादा होता है और FSH कम या normal की निचली सीमा पर।
तो चक्र ऐसे चलता है: ज़्यादा LH और ज़्यादा insulin androgens बढ़ाते हैं; androgens दिमाग के signal को बिगाड़ते हैं और follicles को पकने नहीं देते; ovulation न होने से periods अनियमित हो जाते हैं।
वज़न और पेट की चर्बी: असर बढ़ाने वाली, असली जड़ नहीं
ज़्यादा वज़न उन महिलाओं में PCOD को सामने ला सकता है जिनमें इसकी प्रवृत्ति पहले से है, और इसे बिगाड़ सकता है। Genes के ज़रिए कारण और असर जाँचने वाली studies (Mendelian randomization) सुझाव देती हैं कि ज़्यादा body mass index (BMI) PCOS का एक कारण है, जबकि PCOS खुद BMI नहीं बढ़ाता। 2022 के एक review ने निष्कर्ष निकाला कि सबूतों का पलड़ा इसके पक्ष में काफ़ी भारी है, हालाँकि ज़्यादातर studies European मूल की महिलाओं पर थीं।
लेकिन वज़न पूरी कहानी नहीं है:
- Endocrine Society का statement कहता है कि क्या अकेला मोटापा PCOS कर सकता है, इस पर अभी बहस है; मोटापा पहले से मौजूद features को बिगाड़ सकता है।
- Indian Journal of Medical Research (IJMR) में भारतीय research का एक review बताता है कि PCOS मोटापे वाली और बिना मोटापे वाली महिलाओं में बराबर होता है, और पेट के आसपास की चर्बी को PCOS में insulin resistance का मुख्य कारक बताता है।
- International guideline को इसका कोई लगातार सबूत नहीं मिला कि PCOS वाली महिलाएँ दूसरी महिलाओं से अलग खाती हैं या कम चलती-फिरती हैं, और वह कहती है कि बहुत सी महिलाओं में अंदरूनी प्रक्रियाएँ समय के साथ ज़्यादा वज़न बढ़ाती हैं।
दुबली महिलाओं को भी PCOD होता है, और PCOD में वज़न बढ़ना आलस नहीं है। Scale से ज़्यादा कमर का नाप बताता है; हमारा Indian cut-offs वाला BMI calculator एक शुरुआत है, और hub भारतीय कमर की सीमाएँ समझाता है। अगर आपका वज़न ज़्यादा है, तो देखें PCOS में वज़न घटाना मुश्किल क्यों लगता है और किससे मदद मिलती है। वज़न घटाने से लक्षणों में आराम मिल सकता है, लेकिन PCOD के पीछे के genes नहीं बदलते, इसलिए दुबली महिलाओं और वज़न घटा चुकी महिलाओं को भी नियमित जाँच की ज़रूरत है।
जन्म से पहले: एक theory जिसकी अभी जाँच चल रही है
कुछ researchers मानते हैं कि PCOD की शुरुआत गर्भ में हो सकती है। NICHD कहता है कि जानवरों पर हुई studies सुझाव देती हैं कि जन्म से पहले ज़्यादा androgens के संपर्क से PCOS की संभावना बढ़ सकती है। Endocrine Society का statement कहता है कि इंसानों में इसके सबूत कम पक्के हैं और गर्भ से शुरुआत की भूमिका अभी अनिश्चित है; एक twin study में जिन महिलाओं ने गर्भ में जुड़वाँ भाई के साथ समय बिताया था, उनमें PCOS की संभावना ज़्यादा नहीं थी।
ऐसा कुछ नहीं मिला है कि माँ ने pregnancy में जो खाया या किया, उससे बेटी को PCOD हुआ।
भारतीय महिलाओं में खतरा ज़्यादा क्यों हो सकता है
लगता है कि दक्षिण एशियाई महिलाएँ ज़्यादा प्रभावित होती हैं, और कभी-कभी ज़्यादा गंभीर रूप से:
- NHS कहता है कि अगर आप Asian background से हैं तो PCOS की संभावना ज़्यादा है।
- International guideline कहती है कि South East Asian और Eastern Mediterranean क्षेत्रों में यह ज़्यादा आम हो सकता है। World Health Organization के देशों के समूहों में India, South-East Asia क्षेत्र में आता है।
- UK की एक छोटी study ने एक जैसे BMI और कमर-कूल्हे के अनुपात वाली PCOS की 47 दक्षिण एशियाई और 40 गोरी महिलाओं की तुलना की। दक्षिण एशियाई महिलाएँ कम उम्र में इलाज के लिए आईं, उनमें ज़्यादा बाल, acne और त्वचा के काले धब्बे ज़्यादा थे, fasting insulin ज़्यादा था और insulin sensitivity कम।
- Hub परिवार में type 2 diabetes को एक risk factor बताता है, और UK की वह study बताती है कि दक्षिण एशियाई लोगों में type 2 diabetes ज़्यादा आम है।
अगर आपके परिवार में diabetes है, तो वज़न चाहे जो हो, अनियमित periods, ज़्यादा बाल या त्वचा के काले धब्बों को गंभीरता से लें।
क्या junk food या तनाव है PCOD reason? Myths और सबूत
ज़्यादातर प्रचलित बातें महिला को ही दोष देती हैं। इनमें से कम ही टिकती हैं।
| लोग क्या कहते हैं | सबूत क्या कहते हैं | नतीजा |
|---|---|---|
| “Junk food और बाहर का खाना PCOD करता है।” | हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि कोई एक खाना PCOD करता है। जिस खाने से वज़न बढ़े, वह उन महिलाओं में इसे सामने ला सकता है जिनमें प्रवृत्ति पहले से है। Endocrine Society का statement कहता है कि PCOS के लिए सबसे अच्छी diet का पक्का सबूत नहीं है। | आंशिक: वज़न बढ़ना योगदान दे सकता है; कोई एक खाना कारण नहीं |
| “Cold drinks और चीनी से PCOD होता है।” | हमें कोई study नहीं मिली जो दिखाए कि मीठे drinks सीधे PCOD करते हैं। ये वज़न बढ़ा सकते हैं, जिससे insulin resistance बिगड़ सकता है। | साबित नहीं; फिर भी कम करना अच्छा |
| “तनाव से PCOD होता है।” | हमें ऐसी कोई study नहीं मिली। PCOS वाली महिलाएँ ज़्यादा तनाव बताती हैं, लेकिन 2023 की एक Austrian study में उम्र और वज़न का हिसाब लगाने के बाद उनके थूक (saliva) में stress hormones दूसरी महिलाओं से अलग नहीं थे। NHS तनाव को periods देर से आने का एक अलग कारण मानता है। | साबित नहीं; तनाव से periods देर से आ सकते हैं |
| “देर से शादी या बच्चा न होने से PCOD होता है।” | हमें कोई सबूत नहीं मिला। NHS कहता है कि लक्षण आमतौर पर puberty के आसपास शुरू होते हैं, शादी से बहुत पहले। शादी और pregnancy इसका इलाज भी नहीं हैं। | Myth |
| “Birth-control pills से PCOD होता है।” | हमें कोई सबूत नहीं मिला। Guideline combined pill को PCOS में अनियमित periods और ज़्यादा बालों का पहला इलाज बताती है। यह androgens घटाती है, इसलिए PCOS के संकेत छिपा सकती है, जो pill बंद करने पर फिर दिख सकते हैं। | Myth |
| “Tight jeans या कसे कपड़ों से PCOD होता है।” | हमें कपड़ों और PCOD को जोड़ने वाली कोई study नहीं मिली; यह एक hormonal condition है। | Myth |
| “Mobile phone, laptop या Wi-Fi से PCOD होता है।” | हमें ऐसा दिखाने वाली कोई study नहीं मिली। | Myth |
| “Plastic की बोतलों और tiffin से PCOD होता है।” | कुछ studies में PCOS वाली महिलाओं में plastic के chemical bisphenol A (BPA) का स्तर ज़्यादा मिला है, लेकिन Endocrine Society का statement कहता है कि इन सीमित आँकड़ों से कारण और असर साबित नहीं हुआ। | साबित नहीं; research जारी |
| “मोटापे या आलस की वजह से आपको PCOD हुआ।” | PCOD हर body size में होता है और काफ़ी हद तक विरासत में मिलता है। Guideline doctors से वज़न को लेकर कलंक (weight stigma) से बचने को कहती है। | Myth, और एक चुभने वाला myth |
आपका PCOD आपकी गलती से नहीं हुआ। आदतें तय करती हैं कि यह कितना ज़ोर से दिखेगा, इसलिए वे मायने रखती हैं, लेकिन जो प्रवृत्ति आपको काफ़ी हद तक जन्म से मिली, वह आपकी नाकामी नहीं है।
कारण जानने से इलाज का रास्ता कैसे तय होता है
PCOD के कई कारण होते हैं, इसलिए इलाज उन पर निशाना लगाता है जो आपके लिए सबसे अहम हैं:
- Insulin resistance: नियमित activity, steady खाना और, अगर आपके doctor तय करें, insulin-sensitising दवा। वज़न चाहे जो हो, glucose tolerance test काम का है।
- बढ़े हुए androgens और अनियमित periods: hormonal इलाज जो periods नियमित करें और बच्चेदानी की अंदरूनी परत को सुरक्षित रखें, या acne और बालों का बढ़ना कम करें।
- ज़्यादा वज़न: अगर आपका वज़न healthy से ज़्यादा है, तो थोड़ा वज़न घटाने से periods और insulin resistance में सुधार हो सकता है।
- परिवार का इतिहास: बहनों और बेटियों को बताएँ, ताकि उनके लक्षणों की जाँच जल्दी हो।
सेहतमंद आदतें insulin और वज़न में मदद करती हैं, लेकिन genes से मिली प्रवृत्ति नहीं हटा सकतीं, नियमित periods की गारंटी नहीं दे सकतीं, और medical इलाज की जगह नहीं ले सकतीं। विकल्पों के लिए हमारी guide PCOD का इलाज और दवाएँ पढ़ें।
Doctor को कब दिखाएँ
Hub में PCOS के खतरे के संकेतों की पूरी list है।
Emergency: तुरंत मदद लें (112 पर call करें)
- Pad लगाने के थोड़ी देर बाद ही bleeding से वह पूरा भीग जाए, या भारी bleeding के साथ चक्कर आएँ या बेहोशी हो।
- अगर आप pregnant हो सकती हैं: पेट के निचले हिस्से में तेज़ या एक तरफ़ दर्द, कंधे के सिरे पर दर्द, या बेहोशी।
- खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार। Emergency services से या Government of India की mental-health helpline, Tele Mental Health Assistance and Networking Across States (Tele-MANAS) से संपर्क करें।
जल्दी जाँच: कुछ दिनों से कुछ हफ़्तों के अंदर
- कुछ महीनों में तेज़ी से बढ़ते बाल, acne या सिर के बाल झड़ना, या आवाज़ भारी होना। Guideline कहती है कि तेज़ बदलाव में hormone बनाने वाले tumour जैसे दुर्लभ कारणों की जाँच ज़रूरी है।
- Pregnant न होने पर भी तीन महीने या उससे ज़्यादा समय तक period न आना।
- Period छूट जाए और आप pregnant हो सकती हों: test करें, और result positive आए या आपको पक्का न पता हो, तो doctor को दिखाएँ।
Routine जाँच
अनियमित periods, अनचाहे बाल, लगातार acne, सिर के बाल पतले होना, त्वचा के काले धब्बे या बिना वजह वज़न बदलने पर appointment book करें, खासकर अगर माँ या बहन को PCOD है या परिवार में diabetes है। अगर आप pregnancy की planning कर रही हैं, तो पहले doctor से मिलें।
Disha कैसे मदद कर सकती है
Disha एक AI health coach है जो Hindi, English और Hinglish में chat और call करती है। यह doctor की जगह नहीं लेती, और यह diagnosis नहीं करती, दवा नहीं लिखती और emergency care नहीं देती। यह उन रोज़ की आदतों में मदद करती है जिनकी सलाह आपके doctor देते हैं: खाना, movement, नींद और तनाव। लगभग 15–20 मिनट की onboarding call Disha, यानी AI, ही करती है; call पर कोई इंसानी doctor नहीं होता। पढ़ें Disha की coaching कैसे काम करती है।
यह medical सलाह नहीं है। यह page वयस्कों (18+) के लिए सामान्य जानकारी है, diagnosis या इलाज का plan नहीं। इसके आधार पर contraceptive pill समेत कोई भी दवा शुरू, बंद या बदलें नहीं। अगर आप pregnant हैं, स्तनपान करा रही हैं, या आपको अभी या पहले कभी eating disorder रहा है, तो खाने या exercise में बदलाव से पहले अपने लिए अलग सलाह लें। Emergency में 112 पर call करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PCOD के मुख्य कारण क्या हैं?
सटीक कारण पता नहीं है। मुख्य जाने-पहचाने कारण हैं: विरासत में मिले genes, insulin resistance और बढ़ा हुआ insulin, ovaries से बढ़े हुए androgens, और दिमाग से आने वाला तेज़ hormone signal जो LH बढ़ाता है। ज़्यादा वज़न, खासकर कमर के आसपास, PCOD को सामने ला सकता है या बिगाड़ सकता है। ये कारण एक-दूसरे को बढ़ाते हैं, इसलिए PCOD लंबे समय तक रहता है और हर महिला में अलग होता है।
क्या PCOD problem मेरी किसी गलती से हुई?
नहीं। PCOD काफ़ी हद तक विरासत में मिलता है: एक Dutch twin study का अनुमान है कि PCOS के 72% फ़र्क की वजह genes हैं। खाना, activity और नींद जैसी आदतें तय कर सकती हैं कि यह कितना ज़ोर से दिखे, लेकिन ये असली जड़ नहीं हैं। International guideline को इसका कोई लगातार सबूत नहीं मिला कि PCOS वाली महिलाएँ दूसरी महिलाओं से अलग खाती हैं या कम चलती-फिरती हैं।
क्या PCOD genetic है? क्या मेरी बेटी को भी होगा?
PCOD परिवारों में चलता है, लेकिन कोई एक gene नहीं है और यह आगे जाए, यह पक्का नहीं। MedlinePlus का अनुमान है कि PCOS वाली 20 से 40 प्रतिशत महिलाओं की माँ या बहन को भी यह होता है। अगर आपको PCOD है, तो आपकी बेटी की संभावना औसत से ज़्यादा है। उसे बताएँ, ताकि puberty के बाद अनियमित periods, acne या ज़्यादा बालों को नज़रअंदाज़ न करके उनकी जाँच हो।
क्या दुबली महिलाओं को PCOD हो सकता है?
हाँ। एक भारतीय review बताता है कि PCOS मोटापे वाली और बिना मोटापे वाली महिलाओं में बराबर होता है। दुबली महिलाओं में भी insulin resistance हो सकता है: एक छोटी study में यह PCOS वाली 75% दुबली महिलाओं में मिला। इसीलिए doctors वज़न चाहे जो हो, PCOS वाली हर महिला के लिए glucose tolerance test का सुझाव देते हैं, और दुबली महिलाओं से यह नहीं कहना चाहिए कि उनके लक्षण PCOD नहीं हो सकते।
क्या birth-control pills से PCOD होता है?
हमें इसका कोई सबूत नहीं मिला। International guideline के अनुसार combined pill PCOS में अनियमित periods और ज़्यादा बालों का पहला इलाज है। Pill androgens घटाती है और नियमित bleeding लाती है, इसलिए लेते समय PCOS को छिपा सकती है, और बंद करने पर संकेत दिख सकते हैं। यह छिपी चीज़ का सामने आना है, कारण नहीं। Doctor की लिखी pill सलाह के बिना कभी बंद न करें।
क्या तनाव से PCOD हो सकता है?
हमें ऐसी कोई study नहीं मिली जो दिखाए कि तनाव से PCOD होता है। PCOS वाली महिलाएँ अक्सर ज़्यादा तनाव बताती हैं, जो इसके लक्षणों के साथ जीने से भी आ सकता है। तनाव से period देर से आ सकता है, और NHS इसे periods छूटने का एक अलग कारण मानता है। अगर periods महीनों तक अनियमित रहें, तो इसे तनाव मानकर न टालें, doctor को दिखाएँ, क्योंकि PCOD, thyroid या दूसरे कारणों की जाँच ज़रूरी हो सकती है।
अगर कारण ठीक कर दें, तो क्या PCOD चला जाएगा?
पूरी तरह नहीं। Genes कारण का हिस्सा हैं और बदले नहीं जा सकते, अभी इसका कोई cure (इलाज से पूरी तरह ठीक होना) नहीं है, और international guideline सुझाव देती है कि diagnosis को उम्र भर का माना जा सकता है। इलाज और आदतों से लक्षणों में काफ़ी सुधार हो सकता है, खासकर जब insulin resistance या ज़्यादा वज़न पर काम हो। हमारी guide क्या PCOD ठीक हो सकता है बताती है कि “reversal” के दावों का असल मतलब क्या है।
स्रोत
- Teede HJ, Tay CT, Laven JJE, Dokras A, Moran LJ, Piltonen TT, Costello MF, Boivin J, Redman LM, Boyle JA, Norman RJ, Mousa A, Joham AE. Recommendations From the 2023 International Evidence-based Guideline for the Assessment and Management of Polycystic Ovary Syndrome. Journal of Clinical Endocrinology and Metabolism, 2023. इससे जुड़ी जानकारी: insulin resistance एक मुख्य feature और PCOS के बनने का हिस्सा; clinic के insulin tests routine care के लिए नहीं; South East Asian और Eastern Mediterranean क्षेत्रों में शायद ज़्यादा prevalence; वज़न से जुड़े lifestyle फ़र्क का कोई लगातार सबूत नहीं, और अंदरूनी प्रक्रियाएँ जो वज़न बढ़ाती हैं; weight stigma; combined pill पहला इलाज, और androgen testing पर इसका असर; लक्षणों में तेज़ बदलाव और androgen बनाने वाले tumours; diagnosis उम्र भर का माना जा सकता है।
- NHS. Polyendocrine metabolic ovarian syndrome (PMOS) and Missed or late periods. मौजूदा patient guidance. इससे जुड़ी जानकारी: कारण पता नहीं, शायद insulin और testosterone का ठीक से काम न करना; किसी करीबी रिश्तेदार को होने या Asian background से संभावना ज़्यादा; लक्षण आमतौर पर puberty में शुरू; तनाव periods छूटने का एक कारण।
- Eunice Kennedy Shriver National Institute of Child Health and Human Development. What causes PCOS? मौजूदा patient जानकारी. इससे जुड़ी जानकारी: genes और माहौल; 19 संभावित gene variants; गर्भ में androgen के संपर्क पर जानवरों की research; androgens का दिमाग के ovulation signals और follicle बढ़ने में रुकावट डालना; insulin–androgen का चक्र; बढ़ा हुआ insulin और acanthosis nigricans।
- MedlinePlus Genetics (US National Library of Medicine). Polycystic ovary syndrome. मौजूदा consumer genetics जानकारी. इससे जुड़ी जानकारी: genes, सेहत और lifestyle के कारणों का मेल; आम gene variations जो PCOS वाली और बिना PCOS वाली दोनों महिलाओं में होते हैं; 20 से 40 प्रतिशत की माँ या बहन प्रभावित।
- Dumesic DA, Oberfield SE, Stener-Victorin E, Marshall JC, Laven JS, Legro RS. Scientific Statement on the Diagnostic Criteria, Epidemiology, Pathophysiology, and Molecular Genetics of Polycystic Ovary Syndrome. Endocrine Reviews (Endocrine Society), 2015. इससे जुड़ी जानकारी: दिमाग के hormone की तेज़ धड़कन, ज़्यादा LH और कम या निचली-normal FSH; insulin का ovary में androgen बनना बढ़ाना और SHBG घटाना; एक family study में 22% बहनें प्रभावित; Dutch twin study का 72% genetic असर का अनुमान; मोटापा कारण है या नहीं, इस पर बहस, और इसका बिगाड़ने वाला असर; गर्भ से शुरुआत के लिए इंसानों में कमज़ोर सबूत, और opposite-sex twin जोड़ों की महिलाओं में PCOS में कोई फ़र्क नहीं; BPA के आँकड़ों से कारण साबित नहीं; सबसे अच्छी diet का पक्का सबूत नहीं।
- Zhu T, Goodarzi MO. Causes and Consequences of Polycystic Ovary Syndrome: Insights From Mendelian Randomization. Journal of Clinical Endocrinology and Metabolism, 2022. इससे जुड़ी जानकारी: genetic studies के सुझाव कि ज़्यादा BMI और fasting insulin PCOS में कारण की भूमिका निभाते हैं; PCOS से BMI नहीं बढ़ता; सबूतों का पलड़ा BMI के कारण होने के पक्ष में काफ़ी भारी; ज़्यादातर European मूल के आँकड़े।
- Stepto NK, Cassar S, Joham AE, Hutchison SK, Harrison CL, Goldstein RF, Teede HJ. Women with polycystic ovary syndrome have intrinsic insulin resistance on euglycaemic-hyperinsulaemic clamp. Human Reproduction, 2013. इससे जुड़ी जानकारी: PCOS वाली 75% दुबली महिलाओं, PCOS वाली 95% ज़्यादा वज़न की महिलाओं और 62% ज़्यादा वज़न वाली controls में insulin resistance; ज़्यादातर गोरी महिलाओं वाली study।
- Wijeyaratne CN, Balen AH, Barth JH, Belchetz PE. Clinical manifestations and insulin resistance (IR) in polycystic ovary syndrome (PCOS) among South Asians and Caucasians: is there a difference? Clinical Endocrinology, 2002. UK की observational study. इससे जुड़ी जानकारी: एक जैसे BMI और कमर-कूल्हे के अनुपात वाली 47 दक्षिण एशियाई और 40 गोरी महिलाएँ; दक्षिण एशियाई महिलाओं में कम उम्र में इलाज के लिए आना, ज़्यादा hirsutism, acne और acanthosis nigricans, ज़्यादा fasting insulin और कम insulin sensitivity; दक्षिण एशियाई लोगों में type 2 diabetes ज़्यादा आम।
- Ganie MA, Vasudevan V, Wani IA, Baba MS, Arif T, Rashid A. Epidemiology, pathogenesis, genetics & management of polycystic ovary syndrome in India. Indian Journal of Medical Research, 2019. इससे जुड़ी जानकारी: भारतीय studies में PCOS मोटापे वाली और बिना मोटापे वाली महिलाओं में बराबर, मोटापे में insulin resistance के markers ज़्यादा आम; पेट की चर्बी insulin resistance का मुख्य कारक।
- Medical University of Vienna researchers. A case-control study about markers of stress in normal-/overweight women with polycystic ovary syndrome and in controls. Frontiers in Endocrinology, 2023. PCOS वाली 31 महिलाओं और 31 controls की case-control study. इससे जुड़ी जानकारी: उम्र और BMI का हिसाब लगाने के बाद saliva के stress markers में कोई फ़र्क नहीं; PCOS वाली महिलाओं में खुद बताया गया तनाव ज़्यादा।
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- India में PCOS: लक्षण, tests, इलाज और रोज़ की देखभाल: वह overview जिसमें यह page आता है। इसमें PCOS क्या है, diagnosis और इलाज की पूरी जानकारी है।
- महिलाओं में PCOD और PCOS के लक्षण: इन hormone बदलावों से दिखने वाले संकेत, अनियमित periods से लेकर acne और बालों तक।
- PCOD का इलाज और दवाएँ: हर कारण का इलाज कैसे होता है, दवाएँ, उनके इस्तेमाल और उनकी सीमाएँ।
- PCOS में वज़न घटाना मुश्किल क्यों लगता है, और असल में किससे मदद मिलती है: ज़्यादा वज़न वाली उन पाठकों के लिए जो सुरक्षित तरीके से कुछ वज़न घटाना चाहती हैं।
- PCOS के सभी articles: PCOS पर Disha की हर guide एक जगह।
- Indian cut-offs वाला BMI calculator: वज़न से जुड़े खतरे का एक screening number, PCOD का test नहीं।