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भारतीय खानों का glycemic index: numbers क्या बता सकते हैं और क्या नहीं

संक्षेप में

Glycaemic index carbohydrate वाले खानों को इस हिसाब से क्रम में रखता है कि वे glucose की तुलना में blood sugar कितनी तेज़ी से बढ़ाते हैं। Published values में सफ़ेद चावल लगभग 70 से 78, चपाती 52 से 66 और ज़्यादातर दालें 45 से नीचे हैं, लेकिन values किस्म, recipe और व्यक्ति के हिसाब से बदलती हैं। Portion और साथ में क्या खाते हैं, यह number से ज़्यादा मायने रखता है।

चावल, रोटी, दाल और सब्ज़ी वाली एक भारतीय थाली

भारतीय खानों का glycemic index (GI, जिसे glycaemic index भी लिखा जाता है) हर जगह बताया जाता है, अक्सर बिना किसी स्रोत के सिर्फ़ एक number की तरह।

Diabetes क्या है, इसका diagnosis और इलाज कैसे होता है, यह जानने के लिए हमारी लक्षण, tests और इलाज पर diabetes guide पढ़ें।

अगर आप insulin या sugar घटाने वाली tablets लेते हैं, तो क्या और कितना खाते हैं, इसमें कोई भी बदलाव पहले अपने doctor से तय करें, क्योंकि आम से कम carbohydrate खाने से sugar बहुत कम हो सकती है।

Glycaemic index और glycaemic load का मतलब

GI carbohydrate वाले खानों को इस हिसाब से क्रम में रखता है कि वे शुद्ध glucose की तुलना में blood sugar को कितनी तेज़ी से और कितना ऊपर ले जाते हैं। Diabetes UK इसे 0 से 100 तक का ऐसा क्रम बताता है जो दिखाता है कि हर carbohydrate वाला खाना blood sugar कितनी जल्दी बढ़ाता है।

Test हमेशा एक ही तरीके से होता है। स्वस्थ volunteers रात भर खाली पेट रहने के बाद खाने का उतना हिस्सा खाते हैं जिसमें 50 g available carbohydrate हो, और दो घंटे तक उनकी blood sugar जाँची जाती है। दूसरे दिनों में वे 50 g glucose पीते हैं। खाने का GI उसकी blood sugar की बढ़त है, glucose वाली बढ़त के फ़ीसद के रूप में, पूरे group का औसत। नीचे की ज़्यादातर values 10 से 19 लोगों के groups से आई हैं।

  • कम GI: 55 या उससे कम
  • मध्यम GI: 56 से 69
  • ज़्यादा GI: 70 या उससे ज़्यादा

Glycaemic load (GL) में portion भी जुड़ जाता है। यह GI को serving में मौजूद available carbohydrate के grams से गुणा करके 100 से भाग देने पर मिलता है। सिर्फ़ समझाने के लिए एक उदाहरण: 73 GI वाला खाना अगर ऐसे portion में खाया जाए जिसमें 25 g carbohydrate हो, तो उसका GL लगभग 18 है। वही portion दोगुना खाएँ, तो GL भी दोगुना होकर लगभग 37 हो जाता है, जबकि GI 73 ही रहता है।

भारतीय खानों का glycemic index: published values

नीचे की हर value किसी नामित study से है, और आखिरी column में test की हालतें दी गई हैं। जहाँ दो studies अलग-अलग नतीजे देती हैं, वहाँ दोनों दिखाए गए हैं। हर आँकड़े को एक lab का एक recipe पर मिला नतीजा मानें, आपकी रसोई के खाने का exact number नहीं। Indian Council of Medical Research–National Institute of Nutrition (ICMR-NIN) की अपनी table भी यही चेतावनी देती है: उसकी values “are only indicative” (सिर्फ़ अंदाज़ा देती हैं) और “may differ depending on the ratios of different ingredients and preparation methods” (सामग्री के ratio और बनाने के तरीके के हिसाब से अलग हो सकती हैं)।

चावल, रोटी, millets और नाश्ते के पकवान

खानाPublished GIGI bandस्रोत और test कैसे हुआ
सफ़ेद चावल, उबला73ज़्यादाअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008: कई studies का औसत
चावल (भारतीय study)78ज़्यादाICMR-NIN Dietary Guidelines 2024 की table: 10 लोगों का औसत
सोना मसूरी, पोन्नी और सुरती कोलम चावल72, 70 और 77ज़्यादाMadras Diabetes Research Foundation, 2012: चेन्नई के स्वस्थ volunteers; किस्मों के बीच अंतर significant नहीं
Brown rice, उबला68मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008: कई studies का औसत
चपाती / गेहूँ की रोटी52 और 62कम और मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008: दो अलग entries (“chapatti” और “wheat roti”)
गेहूँ की चपाती62 और 66मध्यमICMR-NIN 2024 की table: दो studies की दो entries, हर एक में 10 लोग
ज्वार की रोटी84ज़्यादाचेन्नई study, 2022: हर खाने के लिए 23 से ज़्यादा body mass index (BMI) वाले 12 से 15 स्वस्थ वयस्क
बाजरे की रोटी70ज़्यादाचेन्नई study, 2022, ऊपर की तरह
मक्की की रोटी75ज़्यादाचेन्नई study, 2022, ऊपर की तरह
रागी मुद्दे (रागी का गाढ़ा पका आटा)98ज़्यादाचेन्नई study, 2022, ऊपर की तरह
मेथी पराठा60मध्यमचेन्नई study, 2022, ऊपर की तरह
दलिया (टूटा गेहूँ) उपमा52कमचेन्नई study, 2022, ऊपर की तरह
जौ (barley)28कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
Rolled oats की porridge / instant oats की porridge55 / 79कम / ज़्यादाअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
सांभर के साथ इडली69मध्यमICMR-NIN 2024 की table: 10 स्वस्थ वयस्क
Packaged premix से बनी चावल की इडली85ज़्यादासिंगापुर study, 2018: 19 स्वस्थ युवा पुरुष, इडली अकेले खाई गई
सादा डोसा79ज़्यादाICMR-NIN 2024
गेहूँ का डोसा62मध्यमचेन्नई study, 2022
पेसरट्टू (मूँग का डोसा)61मध्यमICMR-NIN 2024
Packaged premix से बना रवा उपमा71ज़्यादासिंगापुर study, 2018
दही चावल / नींबू चावल65 / 79मध्यम / ज़्यादाICMR-NIN 2024
सांभर के साथ वड़ा37कमICMR-NIN 2024 (तला हुआ खाना; नीचे देखें)
Cornflakes81ज़्यादाअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008

घर के बने पोहे, साबूदाने या गुड़ का ऐसा कोई standard human GI test हमें नहीं मिला जिसका स्रोत हम खोज सकें, इसलिए इन्हें अंदाज़े से भरने की जगह छोड़ दिया गया है।

दालें, beans और दूध से बनी चीज़ें

खानाPublished GIGI bandस्रोत और test कैसे हुआ
राजमा (kidney beans)24कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
काबुली चना (chickpeas)28कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
चना सुंडल / सफ़ेद मटर सुंडल24 / 30कमचेन्नई study, 2022
Lentils32कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
Bengal gram (चना) / मसूर दाल / मूँग / तूर (अरहर)38 / 42 / 42 / 43कमICMR-NIN 2024 की table: हर एक में 10 लोग
सोयाबीन16कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
दूध, full fat / skimmed39 / 37कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
Fruit yoghurt (फलों वाला दही)41कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008

सब्ज़ियाँ, फल और मीठा

खानाPublished GIGI bandस्रोत और test कैसे हुआ
आलू, उबला78ज़्यादाअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
शकरकंद, उबला63मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
कद्दू, उबला64मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
गाजर, उबली39कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
सेब / संतरा36 / 43कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
केला / आम51 / 51कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008 (पकने पर यह बदलता है)
अनानास59मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
तरबूज़76ज़्यादाअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008 (लेकिन एक फाँक में carbohydrate कम)
खजूर42कमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008
चीनी / शहद65 / 61मध्यमअंतरराष्ट्रीय GI tables 2008 (दोनों अब भी added sugar हैं)

एक ही खाने के numbers अलग क्यों आते हैं

एक ही खाना एक study में कम GI और दूसरी में ज़्यादा GI आ सकता है, क्योंकि GI किस्म, पिसाई, recipe और test में शामिल लोगों पर निर्भर करता है। Diabetes UK पकाने के तरीके, milling जैसी processing, और पकने का हाल या किस्म को ऐसे कारण बताता है जो GI को काफ़ी बदल सकते हैं।

  • पिसाई और बनावट। चेन्नई के researchers इस नतीजे पर पहुँचे कि “merely being a whole grain-based food does not qualify for a lower GI”, यानी सिर्फ़ साबुत अनाज से बना होने से GI कम नहीं हो जाता। रागी के आटे से बना चिकना मुद्दे 98 पर आया, जबकि उपमा में मोटा टूटा गेहूँ 52 पर। जितना बारीक आटा और जितना नरम पकाना, उतनी तेज़ पाचन।
  • Recipe। ICMR-NIN में सांभर के साथ इडली 69 पर आई; सिंगापुर में packaged चावल-इडली premix अकेले खाने पर 85 पर। सिंगापुर के authors ने ज़्यादा value को चावल के आटे के बड़े हिस्से और कम fat व protein से जोड़ा।
  • किस्म। चावल की तीन आम भारतीय किस्में सभी ज़्यादा GI (70 से 77) पर आईं, इसलिए इनमें से एक से दूसरी पर जाने से कम ही फ़र्क पड़ता है। चावल और आलू की ज़्यादातर किस्में ज़्यादा GI वाली हैं, हालाँकि अंतरराष्ट्रीय tables बताती हैं कि कुछ कम GI वाली किस्में भी हैं।
  • Lab और volunteers। अलग-अलग studies में अलग लोग, portions और तरीके होते हैं। अंतरराष्ट्रीय tables में चपाती की दो entries (52 और 62) और ICMR-NIN की table में दो entries (62 और 66) दिखाती हैं कि इससे कितना फ़र्क पड़ता है।

GI क्या नहीं दिखाता

GI एक खाने के बारे में बताता है, जो अकेले खाया गया, 50 g carbohydrate वाले portion में, एक छोटे group का औसत। असली खाना इनमें से हर बात पर अलग होता है।

Portion

50 g वाला test portion वह नहीं है जो आप खाते हैं। चेन्नई study में 50 g carbohydrate का मतलब था लगभग 114 g ज्वार की रोटी, लेकिन लगभग 225 g चना सुंडल। “कम GI” वाले खाने की बड़ी plate में ज़्यादा GI वाले खाने के छोटे portion से ज़्यादा glycaemic load हो सकता है। Diabetes UK का अपना उदाहरण: pasta का GI तरबूज़ से कम है, लेकिन उसमें carbohydrate ज़्यादा होने से उतना ही pasta blood sugar को ज़्यादा बढ़ाता है।

Fat

Fat पाचन को धीमा करता है, इसलिए तला हुआ खाना अक्सर कम GI पर आता है। ICMR-NIN की table में सबसे कम GI सांभर के साथ वड़े का था (37), चपाती से भी कम। Diabetes UK बताता है कि इसी वजह से ज़्यादातर chocolate कम GI वाली होती है। कम number सेहत का certificate नहीं है।

बाकी का खाना

Diabetes UK कहता है कि GI value अकेले खाए गए खाने की होती है, और खानों को साथ खाने से पूरे meal का GI बदल जाता है। Protein, fat और fibre carbohydrate के absorption को धीमा करते हैं। चेन्नई के authors सुझाव देते हैं कि ज़्यादा GI वाले खानों को कम GI वाली दालों के साथ खाने से meal का असर “may favourably modify” हो सकता है, यानी बेहतर हो सकता है; यह एक समझ में आने वाला अनुमान है, meal पर test किया गया नतीजा नहीं। गाढ़ी दाल और सब्ज़ी के साथ चावल, अकेले चावल से अलग meal है।

आप

हर व्यक्ति का असर अलग होता है, और एक ही व्यक्ति का असर अलग-अलग दिनों में अलग होता है। एक US study में 63 स्वस्थ वयस्कों ने एक ही white bread तीन बार खाई। औसत GI 62 था, फिर भी वह bread 22 लोगों के लिए कम GI, 23 के लिए मध्यम और 18 के लिए ज़्यादा GI में गिनी जाती। Authors का नतीजा था कि किसी एक खाने का GI किसी व्यक्ति के खाने के चुनाव के लिए “is unlikely to be a good approach to guiding food choices”, यानी अच्छा तरीका होने की संभावना कम है।

पोषण

GI fibre, protein, नमक या vitamins के बारे में कुछ नहीं बताता। शहद (61) और चीनी (65) दोनों मध्यम band में हैं, फिर भी ICMR-NIN sucrose (चीनी), गुड़ और शहद, तीनों को added sugars में गिनता है। खजूर कम GI वाले हैं, फिर भी गाढ़ी मिठास वाली चीज़ हैं।

GI का समझदारी से इस्तेमाल कैसे करें

Portion तय करने के बाद, GI का इस्तेमाल मिलते-जुलते carbohydrate वाले खानों में से चुनने के लिए करें। Guidelines मोटे तौर पर इसी क्रम पर सहमत हैं, बस ज़ोर अलग-अलग है।

  • Indian Council of Medical Research (ICMR) type 2 diabetes पर 2018 की guideline: “Although different carbohydrates produce different glycemic responses, from clinical point of view it is important to manage total carbohydrate.” यानी अलग carbohydrates का असर अलग होता है, फिर भी clinical नज़र से कुल carbohydrate संभालना ज़रूरी है। यह साबुत अनाज, दालों और “some fruits with low glycemic index and glycemic load” जैसे ज़्यादा fibre वाले carbohydrates recommend करती है।
  • American Diabetes Association (ADA) Standards of Care 2026: studies में glycated haemoglobin (HbA1c) पर GI और GL का असर मिला-जुला दिखता है, और “low GI or low GL is synonymous with higher-fiber eating patterns”, यानी कम GI या कम GL का मतलब असल में ज़्यादा fibre वाला खान-पान है।
  • Diabetes UK: type 2 diabetes में कम GI वाले खाने चुनने से HbA1c संभालने में मदद मिल सकती है, लेकिन portion size का असर ज़्यादा बड़ा है।

भारतीय पाठकों के लिए हम ICMR का क्रम अपनाते हैं: पहले portion, फिर उस portion के अंदर GI। यह guidance की हमारी समझ है, कोई ऐसा नियम नहीं जो किसी एक संस्था ने कहा हो।

फ़ायदे के सबूत असली हैं, लेकिन छोटे। 2021 की एक British Medical Journal (BMJ) review ने type 1 या type 2 diabetes वाले 1,617 लोगों पर हुए randomised trials में पाया कि ज़्यादा GI वाली diet की तुलना में कम GI या कम GL वाली diet से HbA1c औसतन 12 हफ़्तों (median) में 0.31 percentage points कम हुआ। कई authors ने GI-testing companies और food industry funders से अपने संबंध घोषित किए।

काम की बातें:

  • पहले अनाज नापें। एक कटोरी चावल या दो फुलके (हमारा शुरुआती उदाहरण, किसी guideline का आँकड़ा नहीं) इस बात से ज़्यादा मायने रखते हैं कि आप कौन-सा चावल या आटा खरीदते हैं।
  • मोटा, कम processed रूप चुनें। मैदे की जगह दलिया, चिकने घोल की जगह साबुत दाल, instant की जगह rolled oats।
  • उसी plate पर दाल, beans, दही या अंडे रखें। ऊपर की हर study में साबुत दालें और दालें कम GI पर आईं।
  • चीनी छोड़कर “कम GI” मिठाई न अपनाएँ। शहद, गुड़ और “diabetic” मिठाई भी चीनी ही हैं।
  • अगर doctor ने test करने को कहा है, तो अपना असर जाँचें। अपने आम खानों के आसपास की readings किसी भी table से ज़्यादा बताती हैं।

हमारा GI lookup tool हर खाने के लिए एक औसत, सीखने के लिए अनुमान के रूप में देता है। उसके आँकड़े हमेशा इस page से मेल नहीं खाएँगे, क्योंकि published values अलग-अलग होती हैं। अगर आप insulin या sugar घटाने वाली tablets लेते हैं, तो carbohydrate के portions में कोई भी बदलाव पहले अपने doctor से तय करें।

Doctor को कब दिखाएँ

हमारी diabetes guide में खतरे के सभी संकेतों की पूरी list है।

Emergency: तुरंत मदद लें

  • Low sugar के शक वाला व्यक्ति सुस्त या confused हो, सुरक्षित रूप से निगल न पाए, उसे दौरा पड़े या वह बेहोश हो।
  • High readings के साथ उल्टी, पेट दर्द, गहरी या तेज़ साँस, बहुत ज़्यादा सुस्ती या confusion।

जल्दी जाँच: उसी दिन

  • Low sugar के लक्षण, जैसे काँपना, पसीना या confusion, खासकर अगर आप insulin या sulfonylurea जैसी tablets लेते हैं। जैसा आपकी care team ने सिखाया है, वैसे इलाज करें, फिर उन्हें call करें।
  • बार-बार बहुत high या low readings, या खाना और पानी पेट में न टिके।

Routine जाँच

  • Sugar घटाने वाली दवा लेते हुए आप carbohydrate के portions में बड़ा बदलाव करना चाहते हैं।
  • आप pregnant हैं या pregnancy की planning कर रही हैं और आपको diabetes है।
  • Plate बदलने के बाद भी खाने के बाद की readings high रहती हैं।

Disha कैसे मदद कर सकती है

Disha एक AI health coach है जो हिंदी, English और Hinglish में chat और call करती है। लगभग 15–20 मिनट की onboarding call के बाद, जिसे Disha खुद करती है, यह portion और खानों को साथ मिलाने के तरीके आपके अपने इलाके के खाने पर लागू करने, और रोज़ खाने, movement और नींद की आदतें बनाए रखने में मदद कर सकती है। Disha diagnosis नहीं करती, दवा नहीं लिखती, dose नहीं बदलती और emergency care नहीं देती, और यह आपके doctor या dietitian की जगह नहीं लेती। पढ़ें, Disha coaching कैसे काम करती है।

यह medical सलाह नहीं है। यह page वयस्कों के लिए सामान्य जानकारी है। अगर आप insulin या sugar घटाने वाली tablets लेते हैं, pregnant हैं या स्तनपान कराती हैं, आपको kidney की बीमारी है या eating disorder का इतिहास है, तो कोई भी बदलाव पहले doctor से तय करें। इस page के आधार पर कोई दवा शुरू, बंद या बदलें नहीं। Emergency में 112 पर call करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किन भारतीय खानों का glycaemic index कम होता है?

दालें सबसे कम आती हैं: published studies में राजमा, छोले, lentils और मसूर, मूँग और तूर जैसी दालें सभी 45 से नीचे रहीं। दूध, सेब, संतरा और जौ भी कम GI वाले हैं। चेन्नई की एक study में टूटे गेहूँ का उपमा 52 पर आया। Portion फिर भी मायने रखता है, और अनाज के साथ दाल खाने से पूरे meal का असर कम होता है।

क्या sugar के लिए brown rice सफ़ेद चावल से बहुत बेहतर है?

थोड़ा-सा। अंतरराष्ट्रीय GI tables में उबला brown rice 68 और सफ़ेद चावल 73 पर है, यानी brown rice मध्यम GI और सफ़ेद ज़्यादा GI, लेकिन अंतर छोटा है। इससे fibre बढ़ता है। चावल का portion और उसके साथ क्या खाते हैं, यह अनाज के रंग से ज़्यादा फ़र्क डालता है।

Blood sugar के लिए रोटी बेहतर है या चावल?

आमतौर पर रोटी थोड़ी बेहतर। इस page की studies में चपाती की published values 52 से 66 तक हैं, जबकि सफ़ेद चावल लगभग 70 से 78 तक। दोनों ही carbohydrate वाले खाने हैं, इसलिए दो फुलकों और चावल की भरी plate की तुलना नहीं हो सकती। दोनों में से जो भी खाएँ, नपे हुए portion में खाएँ और दाल-सब्ज़ी के साथ खाएँ।

क्या millets का GI कम होता है?

अपने आप नहीं। 2022 की एक चेन्नई study में ज्वार की रोटी 84, बाजरे की रोटी 70 और रागी मुद्दे 98 पर आए, जबकि उड़द दाल के साथ बनी ज्वार की इडली 61 पर आई। Reviews millets का औसत पॉलिश किए चावल से कम बताती हैं। Millet कैसे पीसा और पकाया गया है, यह अनाज जितना ही मायने रखता है।

क्या कम GI वाली diet से HbA1c घटता है?

थोड़ा। 2021 की एक BMJ review में diabetes वाले वयस्कों पर हुए trials में पाया गया कि ज़्यादा GI वाली diet की तुलना में कम GI या कम GL वाली diet से लगभग 12 हफ़्तों में HbA1c 0.31 percentage points कम हुआ। ADA इस research को मिला-जुला बताता है। कम GI वाली diet इलाज में साथ देती है; दवा या portion control की जगह नहीं लेती।

क्या शहद या गुड़ का GI चीनी से कम है?

अंतरराष्ट्रीय GI tables में शहद 61 और चीनी 65 पर आई, दोनों मध्यम GI। गुड़ का कोई standard test हमें ऐसा नहीं मिला जिसका स्रोत खोजा जा सके। यह छोटा अंतर मायने नहीं रखता: ICMR-NIN चीनी, गुड़ और शहद, तीनों को added sugars में गिनता है, और तीनों blood glucose बढ़ाते हैं।

मेरी sugar GI table के अंदाज़े से ज़्यादा क्यों बढ़ती है?

GI लगभग 10 से 19 स्वस्थ लोगों का औसत है, जिन्होंने एक खाना अकेले खाया। आपका portion, बाकी का खाना, दिन का समय, नींद, बीमारी, activity और आपकी दवाएँ, सब आपकी reading बदलते हैं। एक US study में वही bread कुछ लोगों के लिए कम GI और दूसरों के लिए ज़्यादा GI पर आई। अगर readings high रहती हैं, तो doctor से बात करें।

स्रोत

  1. Atkinson FS, Foster-Powell K, Brand-Miller JC. International Tables of Glycemic Index and Glycemic Load Values: 2008. Diabetes Care, 2008. इससे जुड़ी जानकारी: सफ़ेद और brown rice, chapatti और wheat roti, जौ, oats, cornflakes, दालों, दूध, yoghurt, आलू, शकरकंद, कद्दू, गाजर, फलों, चीनी और शहद की औसत GI values; glycaemic load निकालने का तरीका; चावल और आलू की ज़्यादातर किस्मों का ज़्यादा GI।
  2. ICMR–National Institute of Nutrition. Dietary Guidelines for Indians. 2024. इससे जुड़ी जानकारी: चावल, चपाती, दालों और दक्षिण भारतीय नाश्ते के पकवानों के GI की Annexure III table (हर एक में 10 लोग, values “only indicative”); गुड़ और शहद added sugars में गिने गए।
  3. Shobana S, Geetha G, Bai MR, et al. Carbohydrate profiling & glycaemic indices of selected traditional Indian foods. Indian Journal of Medical Research, 2022. इससे जुड़ी जानकारी: ज्वार, बाजरे और मक्की की रोटी, रागी मुद्दे, ज्वार की इडली, गेहूँ के डोसे, मेथी पराठे, टूटे गेहूँ के उपमा और सुंडल का GI; 50 g available carbohydrate वाला test का तरीका; 50 g carbohydrate के लिए पके खाने का वज़न; सिर्फ़ साबुत अनाज होने से GI कम नहीं हो जाता।
  4. Shobana S, Kokila A, Lakshmipriya N, et al. Glycaemic index of three Indian rice varieties. International Journal of Food Sciences and Nutrition, 2012. इससे जुड़ी जानकारी: सोना मसूरी, पोन्नी और सुरती कोलम चावल का GI, तीनों ज़्यादा, और आपस में कोई significant अंतर नहीं।
  5. Tan WSK, Tan KWJ, Ponnalagu S, et al. The glycaemic index and insulinaemic index of commercially available breakfast and snack foods in an Asian population. British Journal of Nutrition, 2018. इससे जुड़ी जानकारी: सिंगापुर में 19 स्वस्थ पुरुषों पर packaged premix से बनी चावल की इडली, चावल के डोसे और उपमा का GI; refined चावल के आटे, कम fat और protein का ज़्यादा GI से संबंध।
  6. Diabetes UK. Glycaemic index and diabetes. review 2025. इससे जुड़ी जानकारी: 0–100 का scale और कम, मध्यम और ज़्यादा bands; पकाने, processing और पकने का हाल से GI का बदलना; खानों को साथ खाने से meal का GI बदलना; fat, protein और fibre से GI कम होना; portion का असर GI से ज़्यादा; pasta और तरबूज़ का उदाहरण; type 2 diabetes में कम GI वाले चुनाव से HbA1c में मदद।
  7. Indian Council of Medical Research. ICMR Guidelines for Management of Type 2 Diabetes. 2018. इससे जुड़ी जानकारी: glycaemic response के अंतर से ज़्यादा clinical रूप से कुल carbohydrate संभालना ज़रूरी; ज़्यादा fibre वाले carbohydrates और कम GI व GL वाले कुछ फलों की सलाह।
  8. American Diabetes Association Professional Practice Committee. 5. Facilitating Positive Health Behaviors and Well-being to Improve Health Outcomes: Standards of Care in Diabetes—2026. 2026. इससे जुड़ी जानकारी: HbA1c पर GI और GL के मिले-जुले सबूत; कम GI या कम GL का मतलब ज़्यादा fibre वाला खान-पान।
  9. Matthan NR, Ausman LM, Meng H, et al. Estimating the reliability of glycemic index values and potential sources of methodological and biological variability. American Journal of Clinical Nutrition, 2016. इससे जुड़ी जानकारी: 63 स्वस्थ वयस्कों में white bread का औसत GI 62, लेकिन अलग-अलग लोगों के लिए कम, मध्यम या ज़्यादा; किसी व्यक्ति के चुनाव के लिए एक खाने का GI कमज़ोर guide।
  10. Chiavaroli L, Lee D, Ahmed A, et al. Effect of low glycaemic index or load dietary patterns on glycaemic control and cardiometabolic risk factors in diabetes: systematic review and meta-analysis of randomised controlled trials. BMJ, 2021. इससे जुड़ी जानकारी: 1,617 वयस्कों में 29 trial comparisons में, median 12 हफ़्ते, कम GI या कम GL वाली diet से HbA1c 0.31 percentage points कम; authors के घोषित industry संबंध।

पहले portion, फिर GI

जो खाना आप पहले से बनाते हैं, उसी से अनाज नापने और दाल-सब्ज़ी वाली plate बनाने में रोज़ की मदद।

Disha AI Health Coach