Diabetes अक्सर चुपचाप पैरों में दिखती है। नई चप्पल से पड़ा छोटा छाला, एड़ी की दरार, या blade से काटा गया corn, जब nerves और खून का बहाव कमज़ोर हो, तो कुछ ही दिनों में ulcer बन सकता है, और कई लोगों को यह होता हुआ महसूस भी नहीं होता।
Diabetes का diagnosis और इलाज कैसे होता है, यह जानने के लिए हमारी लक्षण, tests और इलाज पर diabetes guide पढ़ें।
यह page पैरों में diabetes के लक्षण, doctor के करने वाले checks, और ज़्यादातर समस्याओं से बचाने वाली रोज़ की देखभाल बताता है। खुला घाव, लाल, गरम, सूजा या काला पड़ता पैर, या फैलता infection, इनमें 24 घंटे के अंदर medical care चाहिए, घरेलू इलाज नहीं।
Diabetes पैरों पर असर क्यों करती है
तीन बदलाव साथ मिलकर काम करते हैं, और इन्हीं की वजह से Indian Council of Medical Research (ICMR) की 2018 की guideline doctors से हर visit पर पैर देखने को कहती है:
- Nerves को नुकसान, यानी neuropathy। लंबे समय तक high sugar nerves को नुकसान पहुँचाती है, जो उँगलियों से शुरू होता है। झनझनाहट या जलन हो सकती है, या धीरे-धीरे एहसास कम हो सकता है, जिससे चोट का पता नहीं चलता।
- खून का कम बहाव। पैरों की नसें संकरी होने पर, जिसे peripheral arterial disease कहते हैं, पैरों तक कम oxygen पहुँचती है और घाव देर से भरते हैं।
- Infection। High sugar infection से लड़ने की ताकत घटाती है, इसलिए त्वचा की छोटी दरार भी जल्दी infected हो सकती है।
Nerve damage पसीना घटाकर त्वचा सूखी कर सकता है, पैर का आकार बदल सकता है, और चलते समय दबाव पड़ने का तरीका बदल सकता है। इसीलिए diabetes में corns, calluses और दरारें ज़्यादा मायने रखती हैं।
पैरों में diabetes के लक्षण: शुरुआती संकेत
इनमें से ज़्यादातर धीरे-धीरे आते हैं और "उम्र" या "थकान" कहकर टाल दिए जाते हैं। National Health Service (NHS) और ICMR इन्हें बताने लायक संकेत मानते हैं:
- झनझनाहट, सुई चुभना या जलन, अक्सर रात में ज़्यादा, कभी-कभी ऐसा लगे जैसे रेत या रुई पर चल रहे हों।
- सुन्नपन: चप्पल में कंकड़ महसूस न होना, नहाने का पानी कितना गरम है पता न चलना, या चप्पल पैर से निकल जाए और पता न चले।
- सूखी, फटी त्वचा, खासकर एड़ी की गहरी दरारें, और दबाव वाली जगहों पर सख्त त्वचा या calluses।
- चलते समय पिंडली या कूल्हे में ऐंठन वाला दर्द, जो कुछ मिनट आराम से ठीक हो जाए, यह खून के कम बहाव का संकेत है।
- ठंडे पैर, पीला या नीला रंग, चमकदार त्वचा या बाल झड़ना पैरों और टाँगों पर, और धीरे बढ़ने वाले नाखून।
- कट, छाले या घाव जो देर से भरें, या एक ही जगह बार-बार हों।
- मोटे, बदरंग नाखून या उँगलियों के बीच fungal infection।
- पैर के आकार में बदलाव, जैसे मुड़ी हुई उँगलियाँ या बैठता हुआ तलवा।
ये संकेत diabetes के diagnosis से पहले भी दिख सकते हैं। हमारी diabetes के लक्षणों और शुरुआती संकेतों वाली guide बाकी शरीर के संकेत बताती है।
खतरे के संकेत: पैर की समस्या कब urgent है
| आपको क्या दिखे | इसका क्या मतलब हो सकता है | क्या करें |
|---|---|---|
| खुला घाव, छाला या sore, बिना दर्द के भी | Diabetic foot ulcer की शुरुआत | 24 घंटे के अंदर doctor को दिखाएँ; ICMR 24 घंटे के अंदर foot care team के पास भेजने की सलाह देता है |
| लाली, गर्माहट, सूजन, मवाद या बदबू | Infection | उसी दिन care; गंभीर infection में hospital में इलाज की ज़रूरत हो सकती है |
| गरम, लाल, सूजा पैर, ज़्यादा दर्द के बिना, कभी-कभी हल्की मोच के बाद | Charcot foot, जिसमें कमज़ोर हड्डियाँ और जोड़ बैठ जाते हैं | उसी दिन जाँच; जाँच होने तक पैर पर वज़न न डालें |
| कोई उँगली या हिस्सा काला या नीला पड़ना | खून का बहाव रुकना | Emergency care |
| आराम में भी टाँग में जलन वाला दर्द, रात में या पैर ऊपर करने पर ज़्यादा | खून का बहुत कम बहाव | Urgent जाँच |
| पैर के किसी घाव के साथ बुखार, कँपकँपी या high sugar | फैलता infection | Emergency care |
दर्द का इंतज़ार न करें। Nerve damage में गंभीर समस्या भी बिल्कुल महसूस नहीं हो सकती।
Doctor को कौन-से foot checks करने चाहिए
American Diabetes Association (ADA) के 2026 standards कहते हैं कि diabetes वाले हर व्यक्ति के पैरों की पूरी जाँच साल में कम से कम एक बार हो, और ज़्यादा risk वालों की हर visit पर। ICMR भी यही checks बताता है:
- त्वचा, नाखून, पैर के आकार और आपके जूते-चप्पल देखना। हर visit पर मोज़े और जूते उतारें, चाहे कोई न कहे।
- 10 g monofilament test। एक पतला nylon धागा तलवे के कुछ हिस्सों पर दबाया जाता है। महसूस न होने का मतलब है कि बचाव वाला एहसास कम हो गया है।
- Vibration का एहसास, 128 Hz tuning fork या vibration meter से।
- पैर की नब्ज़ टटोलना, टखने और पैर के ऊपर। कमज़ोर या न मिलने वाली नब्ज़ कम खून के बहाव का संकेत है और इसके लिए आगे tests चाहिए।
इनके आधार पर ICMR पैरों को risk groups में बाँटता है। कम risk वाले पैरों की जाँच हर साल। कम एहसास या कमज़ोर नब्ज़ वाले पैरों की कम से कम हर साल, अक्सर ज़्यादा बार। पहले ulcer, चलते समय पिंडली में दर्द या Charcot foot वाले high-risk पैरों की हर 6 महीने या उससे पहले, और active foot disease में specialist foot team के पास कम से कम हर हफ़्ते।
रोज़ की foot care: क्या करें और किससे बचें
ICMR की foot care की क्या करें और क्या न करें वाली list छोटी और practical है। इसमें ज़्यादातर रोज़ के दो मिनट लगते हैं।
क्या करें
- हर दिन पैर देखें, तलवे और उँगलियों के बीच भी। आईने का इस्तेमाल करें, या अगर ठीक से दिखता नहीं या झुक नहीं पाते, तो परिवार के किसी सदस्य से देखने को कहें।
- रोज़ गुनगुने पानी से पैर धोएँ, पानी का तापमान पैर से नहीं, कोहनी या thermometer से जाँचें, और उँगलियों के बीच अच्छी तरह सुखाएँ।
- सुखाने के बाद पैर के ऊपर और तलवों पर moisturiser लगाएँ, पर उँगलियों के बीच नहीं।
- पहनने से पहले जूते-चप्पल के अंदर कंकड़, कील या फटी lining देखें।
- नाखून सीधे काटें और किनारे घिसें; अगर दिखता या पहुँचता नहीं, तो किसी trained व्यक्ति से कटवाएँ।
- हर visit पर doctor को पैर दिखाएँ, और कोई नया निशान दिखे तो जल्दी बताएँ।
किससे बचें
- नंगे पैर चलना, घर में भी, गरम सड़क या रेत पर, और मंदिर के फ़र्श पर देर तक; जहाँ जूते-चप्पल की इजाज़त न हो, वहाँ साफ़ मोज़े साथ रखें।
- गरम सेक, hot water bag, heater, या गरम पानी में पैर डुबोना।
- Corns और calluses के लिए corn caps, corn plasters, acids या blades; इनका इलाज doctor या podiatrist से कराएँ।
- Smoking और ज़्यादा शराब, जो खून के बहाव और nerve damage को बिगाड़ते हैं।
- छोटे कट या छालों को "दर्द तो नहीं है" कहकर नज़रअंदाज़ करना।
पैरों को बचाने वाले जूते-चप्पल कैसे चुनें
India में कई ulcers जूते-चप्पल से शुरू होते हैं: अंगूठे में फँसने वाली सख्त rubber की चप्पल, शादी के लिए तंग नए जूते, या घिसे तले जिनसे कील निकल रही हो। ICMR शाम को जूते-चप्पल खरीदने की सलाह देता है, जब पैर थोड़े बड़े होते हैं, घिसे जूते-चप्पल समय पर बदलने की, और शुरू में नए जूते दिन में कुछ घंटों से ज़्यादा न पहनने की।
- नरम तले, मज़बूत पीछे का हिस्सा और उँगलियों के लिए पूरी जगह वाले बंद या ढके जूते-चप्पल चुनें।
- अगर अंगूठे वाली चप्पल रगड़ती हो तो उससे बचें, और ऊँची एड़ी या नुकीले जूतों से भी।
- बिना तंग band वाले साफ़ cotton के मोज़े पहनें, और रोज़ बदलें।
- अगर पैर सुन्न हैं, आकार बदल गया है या पहले ulcer हुआ है, तो doctor से custom footwear या insoles के बारे में पूछें।
Steady sugar nerves और घाव भरने में भी मदद करती है। हमारा Indian diabetes diet chart बताता है कि sugar steady रखने वाला खाना कैसे बनाएँ।
Doctor को कब दिखाएँ
हमारी diabetes guide में खतरे के सभी संकेतों की पूरी list है।
Emergency: तुरंत मदद लें
- कोई उँगली या पैर का हिस्सा काला या नीला पड़ना, या पैर के घाव के साथ बुखार, कँपकँपी या confusion।
जल्दी जाँच: 24 घंटे के अंदर
- पैर पर कोई भी खुला घाव, छाला या sore, बिना दर्द के भी।
- लाल, गरम या सूजा पैर, मवाद, बदबू या फैलती लाली।
Routine जाँच
- नई झनझनाहट, जलन, सुन्नपन या चलते समय पिंडली में दर्द।
- पिछले एक साल में monofilament test और पैर की नब्ज़ की जाँच नहीं हुई।
किसे दिखाएँ, यह तय नहीं? हमारी diabetes में किस doctor को दिखाएँ वाली guide general physician, diabetologist और foot care team की भूमिका बताती है।
Disha कैसे मदद कर सकती है
Disha एक AI health coach है जो हिंदी, English और Hinglish में chat और call करती है। लगभग 15–20 मिनट की onboarding call के बाद, जिसे Disha खुद करती है, यह रोज़ पैर देखने की याद दिला सकती है, sugar steady रखने वाली खाने और walking की आदतों में मदद कर सकती है, और कुछ नया दिखे तो doctor को दिखाने का nudge दे सकती है। Disha diagnosis नहीं करती, घावों का इलाज नहीं करती और emergency care नहीं देती, और यह आपके doctor की जगह नहीं लेती। पढ़ें, Disha coaching कैसे काम करती है।
यह medical सलाह नहीं है। यह page वयस्कों के लिए सामान्य जानकारी है। Diabetes में पैर के घाव जल्दी बिगड़ सकते हैं और इनके लिए घरेलू नुस्खे नहीं, doctor की जाँच चाहिए। अगर पैर सुन्न हैं, खून का बहाव कम है या पहले ulcer हुआ है, तो अपनी foot care team का plan follow करें। Emergency में 112 पर call करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“Pairon mein diabetes ke lakshan” सबसे पहले क्या होते हैं?
पहले संकेत आमतौर पर झनझनाहट, सुई चुभना, जलन या सुन्नपन होते हैं, जो उँगलियों से शुरू होते हैं और अक्सर रात में ज़्यादा होते हैं। दूसरे संकेत हैं सूखी, फटी त्वचा, चलते समय पिंडली में दर्द जो आराम से ठीक हो, ठंडे या बदरंग पैर, और देर से भरने वाले कट। कुछ लोगों को कुछ भी महसूस नहीं होता, इसीलिए हर साल foot check ज़रूरी है।
“Pairon mein jalan” diabetes में रात को क्यों होती है?
जलन, खासकर रात में, लंबे समय की high sugar से हुए nerve damage का आम लक्षण है। Vitamin B12 की कमी, जो लंबे समय तक metformin लेने से हो सकती है, thyroid की समस्या और शराब भी इसकी वजह बन सकते हैं या इसे बढ़ा सकते हैं। Doctor को बताएँ, जो sugar control, B12 और दूसरी वजहें check कर सकते हैं, और ज़रूरत हो तो nerve pain की दवा दे सकते हैं।
क्या diabetes से पैरों की समस्याएँ ठीक हो सकती हैं?
जो nerve damage हो चुका है, वह आमतौर पर पूरी तरह ठीक नहीं होता, पर sugar, blood pressure और cholesterol के बेहतर control से इसकी रफ़्तार धीमी हो सकती है, और जलन जैसे लक्षणों का इलाज हो सकता है। सही देखभाल से ulcers भर सकते हैं, और रोज़ की जाँच, अच्छे जूते-चप्पल और छोटी समस्याओं के जल्दी इलाज से ज़्यादातर ulcers रोके जा सकते हैं।
क्या गुनगुने पानी में पैर डुबोना सुरक्षित है?
गुनगुने पानी से धोना ठीक है; देर तक डुबोना और गरम पानी नहीं। अगर एहसास कम है, तो शायद पता न चले कि पानी जलाने लायक गरम है, और डुबोने से त्वचा नरम होती है, जिससे दरारें और infection का खतरा बढ़ता है। तापमान कोहनी से जाँचें, जल्दी धोएँ, और उँगलियों के बीच ध्यान से सुखाएँ।
Diabetes है तो क्या घर पर corn निकाल सकते हैं?
नहीं। ICMR corn caps, corn plasters, chemicals और blades के खिलाफ़ सलाह देता है, क्योंकि इनसे बना घाव ulcer बन सकता है। Corns और calluses दबाव का संकेत हैं, अक्सर जूते-चप्पल से। इनका इलाज doctor या podiatrist से कराएँ, और ऐसे जूते-चप्पल के बारे में पूछें जो दबाव हटाएँ।
Doctor से पैर कितनी बार check कराने चाहिए?
Diabetes वाले हर व्यक्ति के पैरों की पूरी जाँच साल में कम से कम एक बार होनी चाहिए, monofilament test और नब्ज़ की जाँच के साथ। कम एहसास, कम खून के बहाव, पैर के आकार में बदलाव या पहले ulcer वाले लोगों को ज़्यादा बार, हर 6 महीने या हर visit पर जाँच चाहिए। हर visit पर मोज़े और जूते उतारें ताकि doctor देख सकें।
स्रोत
- Indian Council of Medical Research. ICMR Guidelines for Management of Type 2 Diabetes. 2018. इससे जुड़ी जानकारी: हर visit पर पैरों की जाँच; 10 g monofilament, vibration और नब्ज़ की जाँच; पैरों के risk groups और जाँच की frequency; ulcer में 24 घंटे के अंदर referral; foot care में क्या करें और क्या न करें, जिसमें आईने से रोज़ जाँच, गुनगुना पानी, moisturiser, नंगे पैर न चलना, गरम सेक नहीं, corn plasters या blades नहीं, शाम को जूते खरीदना और नए जूते कम समय पहनना शामिल है।
- American Diabetes Association Professional Practice Committee. 12. Retinopathy, Neuropathy, and Foot Care: Standards of Care in Diabetes—2026. 2026. इससे जुड़ी जानकारी: हर साल पैरों की पूरी जाँच और high-risk पैरों में ज़्यादा बार; monofilament और 128 Hz tuning fork से जाँच; neuropathy और peripheral arterial disease के लक्षण; Charcot foot; self-care की शिक्षा और footwear।
- NHS. Peripheral neuropathy. मौजूदा page. इससे जुड़ी जानकारी: पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट और जलन या चुभने वाला दर्द; संतुलन बिगड़ना; न भरने वाले पैर के घाव में doctor को दिखाना; diabetes वाले लोगों की नियमित जाँच।
- NHS. Peripheral arterial disease (PAD). मौजूदा page. इससे जुड़ी जानकारी: चलते समय टाँग में दर्द जो आराम से ठीक हो; पैरों और टाँगों पर बाल झड़ना; कमज़ोर, धीरे बढ़ने वाले नाखून; न भरने वाले ulcers; रंग बदलना; गंभीर बीमारी में आराम में भी जलन वाला दर्द।
- Ministry of Health and Family Welfare, Government of India, and National Health Mission. NP-NCD Training Module for Medical Officers. अक्टूबर 2026 में देखा गया. इससे जुड़ी जानकारी: न भरने वाले पैर के ulcers और बार-बार त्वचा और नाखून के infections diabetes के संकेत; routine complication screening में पैरों की जाँच।
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