अगर आपने "diabetes क्या है" search किया है, तो शायद आपके किसी अपने को अभी-अभी diabetes निकली है, या किसी report में sugar का number ज़्यादा आया है। यह page इस बीमारी को आसान शब्दों में समझाता है: शरीर में क्या गड़बड़ होती है, इसके नामों का मतलब क्या है, इसके types कौन-से हैं, और इसमें क्या किया जा सकता है और क्या नहीं।
Tests, इलाज और खाने के पूरे overview के लिए हमारी लक्षण, tests और इलाज पर diabetes guide देखें।
रोज़ की बोलचाल में लोग इसे बस "sugar" या "शुगर की बीमारी" कहते हैं। कोई इसे डायबिटीज लिखता है, कोई डाईबेटिस, और शुद्ध हिंदी में इसका नाम मधुमेह है, यानी "शहद जैसा पेशाब"। इन सब नामों का मतलब एक ही है: खून में sugar का उतना ज़्यादा रहना जितना शरीर सुरक्षित रूप से नहीं संभाल सकता।
Diabetes क्या है? High blood sugar आसान शब्दों में
Diabetes एक लंबे समय तक चलने वाली condition है जिसमें खून में glucose (sugar) का level लगातार ज़्यादा रहता है। World Health Organization (WHO) इसे ऐसी chronic बीमारी बताता है जो तब होती है जब pancreas पर्याप्त insulin नहीं बनाता, या शरीर बनी हुई insulin का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता।
जब आप रोटी, चावल, दाल या फल खाते हैं, तो उनका carbohydrate टूटकर glucose बनता है, जो खून में जाकर आपकी muscles और दिमाग को ऊर्जा देता है। Cells के अंदर जाने के लिए glucose को insulin चाहिए, जो पेट के पीछे की एक ग्रंथि, pancreas, में बनने वाला hormone है। Insulin को cell का दरवाज़ा खोलने वाली चाबी समझिए।
Diabetes में यह system दो में से किसी एक तरह से बिगड़ता है:
- Insulin बहुत कम बनना। Pancreas बहुत कम या बिल्कुल insulin नहीं बनाता, जैसा type 1 diabetes में होता है।
- Insulin का ठीक से काम न करना। Pancreas insulin बनाता है, पर muscles, liver और fat के cells उस पर ठीक से react नहीं करते। इसे insulin resistance कहते हैं। समय के साथ pancreas भी साथ नहीं दे पाता। Type 2 diabetes में यही pattern होता है।
दोनों हालात में जो glucose cells में जाना चाहिए था, वह खून में ही रह जाता है, इसीलिए मीठा न खाने पर भी sugar ज़्यादा रहती है। सालों तक ऐसा रहने से blood vessels और nerves को नुकसान होता है।
Diabetes mellitus और "diabetic" का मतलब
इसका पूरा medical नाम diabetes mellitus है। "Diabetes" एक Greek शब्द से आया है जिसका मतलब है siphon, यानी नली जिससे पानी बहकर निकल जाए, क्योंकि बिना इलाज के मरीज़ बहुत ज़्यादा पेशाब करते थे। "Mellitus" Latin में शहद जैसा मीठा है। English doctor Thomas Willis ने 1674 में यह शब्द जोड़ा, जब उन्होंने देखा कि मरीज़ों का पेशाब मीठा होता है। उससे बहुत पहले प्राचीन भारतीय ग्रंथों में ऐसे पेशाब का ज़िक्र है जिस पर चींटियाँ आती थीं, और सुश्रुत जैसे वैद्यों ने उसके मीठे स्वाद को दर्ज किया। मधुमेह नाम में भी यही बात है।
Mellitus शब्द इसे diabetes insipidus से अलग करता है, जो hormone की एक दुर्लभ और बिल्कुल अलग समस्या है, जिसमें पेशाब बहुत ज़्यादा होता है पर मीठा नहीं होता। आज लोग जब "diabetes" कहते हैं, तो उनका मतलब मीठे वाली diabetes ही होता है।
Diabetic शब्द दो तरह से इस्तेमाल होता है। विशेषण के रूप में इसका मतलब है diabetes से जुड़ा, जैसे diabetic foot या diabetic diet। संज्ञा के रूप में "a diabetic" का मतलब है वह व्यक्ति जिसे diabetes है। आजकल कई doctors और मरीज़ "diabetes वाला व्यक्ति" कहना पसंद करते हैं, क्योंकि यह एक condition है जो आपको है, यह आपकी पहचान नहीं।
Diabetes के types: type 1 और type 2, और दूसरे प्रकार
American Diabetes Association (ADA) diabetes को कुछ मुख्य types में बाँटता है। सबमें blood sugar ज़्यादा रहती है, पर वजह, रफ़्तार और इलाज अलग होते हैं।
| Type | क्या गड़बड़ होती है | आमतौर पर किसे होती है | आम इलाज |
|---|---|---|---|
| Type 1 diabetes | Immune system pancreas के insulin बनाने वाले cells को नष्ट कर देता है | अक्सर बच्चे और युवा, पर किसी भी उम्र में | Diagnosis से ही ज़िंदगी भर insulin |
| Type 2 diabetes | Insulin resistance और धीरे-धीरे insulin का कम बनना | ज़्यादातर वयस्क; India में अक्सर 30s से, कभी-कभी उससे पहले | Lifestyle में बदलाव, tablets, injections, और ज़रूरत हो तो insulin |
| Gestational diabetes | Pregnancy में पहली बार पकड़ी गई high sugar | Pregnant महिलाएँ, आमतौर पर pregnancy के दूसरे हिस्से में | Pregnancy team की देखरेख में खाने में बदलाव, activity, और ज़रूरत हो तो insulin |
| Prediabetes | Sugar normal से ज़्यादा पर diabetes range से कम | भारतीय वयस्कों में बहुत आम, अक्सर बिना लक्षण | Lifestyle में बदलाव; कभी-कभी metformin |
| दूसरे types | Single-gene वाले रूप, pancreas की बीमारी, steroids जैसी दवाएँ | कम आम; पहचान के लिए specialist चाहिए | वजह पर निर्भर |
India में type 2 diabetes सबसे आम है, और यह page ज़्यादातर इसी के बारे में है। Gestational diabetes आमतौर पर delivery के बाद ठीक हो जाती है, पर माँ में आगे type 2 diabetes का खतरा बढ़ा देती है, इसलिए उन्हें ज़िंदगी भर नियमित जाँच चाहिए। Prediabetes diabetes का type नहीं, एक चेतावनी वाला दौर है; हमारी prediabetes और इसे diabetes बनने से रोकने वाली guide पढ़ें।
दूसरे types में maturity-onset diabetes of the young (MODY) एक विरासत में मिलने वाला single-gene रूप है, जो परिवार की कई पीढ़ियों में चलता है और कभी-कभी type 1 या type 2 समझ लिया जाता है। Secondary diabetes pancreas के नुकसान के बाद होती है, जैसे chronic pancreatitis, या लंबे समय तक steroids लेने से। सही type पहचानना ज़रूरी है, क्योंकि इलाज अलग होता है।
India में diabetes कितनी आम है?
सबसे बड़े राष्ट्रीय अध्ययन, Indian Council of Medical Research–India Diabetes (ICMR-INDIAB) study, ने 2008 से 2020 के बीच 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 साल और उससे ज़्यादा उम्र के 113,043 वयस्कों की जाँच की। 2023 में The Lancet Diabetes and Endocrinology में छपे इस अध्ययन में पाया गया:
- 11.4% वयस्कों को diabetes, जिसके आधार पर authors ने 2021 में लगभग 101 million, यानी करीब 10.1 करोड़ लोगों का अनुमान लगाया।
- 15.3% वयस्कों को prediabetes, लगभग 136 million यानी करीब 13.6 करोड़ लोग, जो पहले से diabetes वाले लोगों से भी ज़्यादा हैं।
Diabetes गाँवों से ज़्यादा शहरों में थी, पर prediabetes गाँवों में भी लगभग उतनी ही आम थी।
Diabetes क्यों होती है? भारतीयों के लिए risk factors
Type 1 diabetes immune system की condition है। यह खाने-पीने या lifestyle से नहीं होती, और न मरीज़ ने, न उसके माता-पिता ने कुछ ऐसा किया जिससे यह हुई।
Type 2 diabetes genes और हमारे जीने के तरीके के मेल से होती है। सिर्फ़ चीनी खाने से यह सीधे नहीं होती, पर refined carbohydrates और ज़्यादा calories वाला खाना वज़न बढ़ाता है। Indian Council of Medical Research (ICMR) के अनुसार भारतीयों में type 2 diabetes कई दूसरे groups से कम से कम दस साल पहले शुरू हो जाती है। मुख्य risk factors हैं:
- परिवार में diabetes: माता-पिता, भाई या बहन को type 2 diabetes।
- कमर के आसपास चर्बी: पुरुषों में 90 cm और महिलाओं में 80 cm से ज़्यादा कमर, चाहे कुल वज़न normal दिखे।
- वज़न: 23 या ज़्यादा body mass index (BMI), जो पश्चिमी देशों की cut-off से कम है। अपना BMI हमारे भारतीय cut-offs वाले BMI calculator से देखें।
- कम शारीरिक activity: लंबे समय तक बैठे रहना और कम exercise।
- Polycystic ovary syndrome (PCOS), जिसका insulin resistance से गहरा रिश्ता है।
- पहले gestational diabetes होना, जो माँ का आगे का खतरा बढ़ाता है।
- High blood pressure, गड़बड़ cholesterol, या गर्दन पर काली मखमली त्वचा, ये सब संकेत हैं कि insulin resistance पहले से हो सकता है।
Asian Indians में एक ही वज़न पर अंगों के आसपास चर्बी ज़्यादा और muscle कम होती है, इसीलिए diabetes यूरोप के लोगों की तुलना में कम BMI पर दिखती है। ICMR 30 से ऊपर के सभी वयस्कों की screening की सलाह देता है, और इनमें से कोई risk factor हो तो उससे पहले भी। Research Society for the Study of Diabetes in India (RSSDI) 25 की उम्र से हर साल risk check की सलाह देती है।
Diabetes के लक्षण संक्षेप में
आम लक्षण हैं: प्यास, बार-बार पेशाब (खासकर रात में), थकान, धुंधला दिखना, घाव देर से भरना, बार-बार infection और पैरों में झनझनाहट। Type 1 diabetes में ये कुछ दिनों या हफ़्तों में आते हैं, अक्सर वज़न घटने के साथ। Type 2 diabetes अक्सर सालों तक चुप रहती है, इसलिए ठीक महसूस करने का मतलब यह नहीं कि diabetes नहीं है। हमारी diabetes के लक्षणों और खतरे के संकेतों वाली guide में पूरी जानकारी है।
Diabetes का diagnosis कैसे होता है: numbers
Diabetes का diagnosis lab के blood test से होता है, लक्षणों या घर के glucometer की एक reading से नहीं। ADA, WHO और ICMR ये सीमाएँ इस्तेमाल करते हैं:
| Test | Diabetes | Prediabetes range |
|---|---|---|
| Glycated haemoglobin (HbA1c) | 6.5% या ज़्यादा | 5.7–6.4% |
| Fasting plasma glucose (कम से कम 8 घंटे बिना खाए) | 126 mg/dL या ज़्यादा | 100–125 mg/dL (ADA) या 110–125 mg/dL (WHO और ICMR) |
| 2 घंटे का oral glucose tolerance test (OGTT), 75 g glucose drink के बाद | 200 mg/dL या ज़्यादा | 140–199 mg/dL |
| Random plasma glucose | Classic लक्षणों के साथ 200 mg/dL या ज़्यादा | इस्तेमाल नहीं होता |
अगर साफ़ लक्षणों के साथ sugar बहुत ज़्यादा न हो, तो गड़बड़ result को आमतौर पर दोबारा test या दूसरे तरह के test से पक्का किया जाता है। खून की कमी और कुछ haemoglobin variants में HbA1c गलत तस्वीर दे सकता है, ऐसे में doctor glucose tests को तरजीह दे सकते हैं।
क्या diabetes ठीक हो सकती है? Cure और remission का फ़र्क
ईमानदार जवाब: आज diabetes का कोई cure नहीं है, पर अलग-अलग types में फ़र्क है।
Type 1 diabetes मौजूदा इलाज से ठीक नहीं होती। Insulin जान बचाने वाली और ज़िंदगी भर की ज़रूरत है। Type 1 diabetes में insulin बंद करवाने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें; insulin बंद करना कुछ ही दिनों में जानलेवा हो सकता है।
Type 2 diabetes कुछ लोगों में remission में जा सकती है, ज़्यादातर अच्छा-ख़ासा और लंबे समय तक टिका वज़न घटाने से, और ज़्यादा तब जब यह जल्दी पकड़ी जाए। ADA के बुलाए international experts के group के अनुसार remission का मतलब है diabetes की दवाएँ बंद करने के बाद कम से कम 3 महीने तक HbA1c 6.5% से कम रहना। इसी group ने जानबूझकर cure नहीं, remission शब्द चुना: sugar फिर बढ़ सकती है, इसलिए साल में कम से कम एक बार test चलते रहते हैं। Remission हर किसी में संभव नहीं, और दवाएँ सिर्फ़ आपके doctor ही कम करें।
Gestational diabetes आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद चली जाती है, और prediabetes lifestyle में बदलाव से अक्सर normal हो सकती है।
Diabetes का इलाज कैसे होता है
इलाज का मकसद sugar को सुरक्षित range में रखना और दिल, kidneys, आँखों और nerves को बचाना है। Plan type और व्यक्ति पर निर्भर करता है।
- रोज़ की आदतें सबकी नींव हैं: नियमित खाना जिसमें सब्ज़ी, दाल और whole grains ज़्यादा हों और चावल-रोटी का हिस्सा छोटा, नियमित activity, पूरी नींद, और तंबाकू छोड़ना। हमारा भारतीय diabetes diet chart दिखाता है कि यह थाली में कैसा दिख सकता है।
- Metformin आमतौर पर type 2 diabetes की पहली दवा होती है, जब तक इसे न देने की कोई वजह न हो।
- दूसरी दवाएँ ज़रूरत के हिसाब से जोड़ी जाती हैं, जैसे sulfonylureas, gliptins, gliflozins, pioglitazone और glucagon-like peptide-1 (GLP-1) दवाएँ। कुछ दिल या kidneys को भी बचाती हैं। हमारी India में इस्तेमाल होने वाली diabetes दवाओं की list हर group समझाती है।
- Insulin type 1 diabetes में ज़रूरी है, और type 2 diabetes और pregnancy में भी तब इस्तेमाल होती है जब दूसरा इलाज काफ़ी न हो। Insulin की ज़रूरत पड़ना हार नहीं, एक साधन है।
इलाज में blood pressure, cholesterol, kidneys, आँखों और पैरों की नियमित जाँच भी शामिल है।
Complications: control क्यों ज़रूरी है
सालों तक ज़्यादा रहने वाली sugar बड़ी और छोटी blood vessels और nerves को नुकसान पहुँचाती है। WHO इन्हें मुख्य लंबे समय की complications बताता है:
- Heart attack और stroke, blood vessels के नुकसान से।
- Kidney की बीमारी, जो kidney failure तक पहुँच सकती है।
- आँखों को नुकसान (retinopathy), जिससे नज़र हमेशा के लिए जा सकती है।
- पैरों में nerves का नुकसान और खून का कम दौरा, जिससे घाव और गंभीर मामलों में amputation हो सकता है।
बहुत ज़्यादा sugar से diabetic ketoacidosis जैसी emergency भी हो सकती है, और कुछ दवाओं से sugar low हो सकती है। अच्छी बात यह है कि जल्दी शुरू किया गया sugar, blood pressure और cholesterol का स्थिर control इन सबका खतरा घटाता है।
Doctor को कब दिखाएँ
हमारी diabetes guide में खतरे के सभी संकेतों की पूरी list है।
Emergency: तुरंत मदद लें
- उल्टी, पेट दर्द, गहरी या तेज़ साँस, साँस में फल जैसी गंध, confusion या बहुत सुस्ती, खासकर high reading के साथ।
- Diabetes की दवा लेने वाले व्यक्ति में low sugar के शक के साथ सुस्ती, confusion, दौरा या बेहोशी।
जल्दी जाँच: एक-दो दिन में
- बच्चे या युवा को बहुत प्यास, बिस्तर गीला करना और वज़न घटना।
- पैर का घाव जो भर नहीं रहा, या अचानक नज़र में बदलाव।
Routine जाँच: test book करें
- आपकी उम्र 30 से ज़्यादा है, या कम है पर कोई risk factor है, जैसे परिवार में diabetes, बड़ी कमर, PCOS या पहले gestational diabetes, और हाल में test नहीं हुआ।
- किसी report में result prediabetes या diabetes range में आया है।
किसे दिखाएँ, यह तय नहीं? हमारी diabetes में किस doctor को दिखाएँ वाली guide बताती है कि कब general physician काफ़ी है और कब diabetologist को दिखाना चाहिए।
Disha कैसे मदद कर सकती है
Disha एक AI health coach है जो हिंदी, English और Hinglish में chat और call करती है। लगभग 15–20 मिनट की onboarding call के बाद, जिसे Disha खुद करती है, यह diabetes या prediabetes के नए result को समझने में, doctor के plan को रोज़ की खाने, movement और नींद की आदतों में बदलने में, और follow-up tests याद दिलाने में मदद कर सकती है। Disha diagnosis नहीं करती, दवा नहीं लिखती, dose नहीं बदलती और emergency care नहीं देती, और यह आपके doctor की जगह नहीं लेती। पढ़ें, Disha coaching कैसे काम करती है।
यह medical सलाह नहीं है। यह page वयस्कों के लिए सामान्य जानकारी है। Diabetes का diagnosis सिर्फ़ lab test से होता है। Insulin या diabetes की दूसरी दवाएँ doctor से पूछे बिना बंद न करें और न बदलें। अगर आप pregnant हैं या किसी बच्चे में लक्षण हैं, तो अपने doctor से बात करें। Emergency में 112 पर call करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“Diabetes kya hai?” और diabetes meaning in Hindi क्या है?
हिंदी में diabetes को मधुमेह कहते हैं, यानी शहद जैसा मीठा पेशाब, क्योंकि पुराने वैद्यों ने देखा था कि मरीज़ों का पेशाब मीठा होता है। बोलचाल में ज़्यादातर लोग "sugar" या शुगर की बीमारी कहते हैं। सबका मतलब एक है: खून में glucose का लगातार ज़्यादा रहना, क्योंकि शरीर insulin कम बनाता है या उसका ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता।
“Diabetic meaning” क्या है: diabetic किसे कहते हैं?
Diabetic के दो इस्तेमाल हैं। विशेषण के रूप में इसका मतलब है diabetes से जुड़ा, जैसे diabetic diet, diabetic foot या diabetic आँखों की बीमारी। संज्ञा के रूप में diabetic वह व्यक्ति है जिसे diabetes है। कई लोग "diabetes वाला व्यक्ति" कहना पसंद करते हैं, क्योंकि यह एक condition है, किसी की पहचान नहीं।
क्या diabetes पूरी तरह ठीक हो सकती है?
मौजूदा इलाज से नहीं। Type 1 diabetes में ज़िंदगी भर insulin चाहिए। Type 2 diabetes कुछ लोगों में remission में जा सकती है, ज़्यादातर शुरुआत में अच्छा-ख़ासा वज़न घटाने के बाद, यानी दवाओं के बिना कम से कम 3 महीने तक HbA1c 6.5% से कम रहना। यह लौट सकती है, इसलिए हर साल test चलते रहते हैं। Gestational diabetes आमतौर पर delivery के बाद चली जाती है, पर आगे का खतरा बढ़ाती है।
क्या ज़्यादा मीठा खाने से diabetes होती है?
सीधे नहीं। Type 1 diabetes immune system की condition है, खाने से इसका संबंध नहीं। Type 2 diabetes genes के साथ कमर की चर्बी, कम activity और कुल खान-पान से होती है। मीठे drinks और मिठाई calories और वज़न बढ़ाकर खतरा बढ़ाते हैं, पर सिर्फ़ चीनी छोड़ने से diabetes न रुकती है, न ठीक होती है। पूरा खाना, activity और वज़न ज़्यादा मायने रखते हैं।
कितनी sugar level पर diabetes मानी जाती है?
Lab test में 126 mg/dL या ज़्यादा fasting plasma glucose, 6.5% या ज़्यादा HbA1c, या 200 mg/dL या ज़्यादा 2 घंटे का glucose tolerance result diabetes बताता है। 200 mg/dL या ज़्यादा random glucose सिर्फ़ classic लक्षणों के साथ गिना जाता है। Diagnosis से पहले results को आमतौर पर दोबारा test से पक्का किया जाता है।
क्या पतले व्यक्ति को भी diabetes हो सकती है?
हाँ। कई भारतीयों को normal वज़न पर भी type 2 diabetes हो जाती है, क्योंकि उनकी कमर और अंदरूनी अंगों के आसपास चर्बी ज़्यादा और muscle कम होती है। परिवार में diabetes, कम activity, PCOS और पहले gestational diabetes खतरा और बढ़ाते हैं। इसीलिए ICMR वज़न चाहे जो हो, 30 से ऊपर के सभी वयस्कों की जाँच की सलाह देता है, और risk factors हों तो पहले भी।
स्रोत
- World Health Organization. Diabetes fact sheet. 2024. इससे जुड़ी जानकारी: diabetes की परिभाषा, यानी insulin का कम बनना या ठीक से इस्तेमाल न होना; type 1 में insulin ज़रूरी; दिल, kidneys, आँखों, nerves और पैरों की लंबे समय की complications।
- American Diabetes Association Professional Practice Committee. 2. Diagnosis and Classification of Diabetes: Standards of Care in Diabetes—2026. 2026. इससे जुड़ी जानकारी: MODY और secondary रूपों समेत diabetes के types; HbA1c, fasting glucose और 2 घंटे के glucose tolerance test के लिए diabetes और prediabetes की सीमाएँ; लक्षणों के साथ random glucose; results को पक्का करना; Asian लोगों के लिए 23 का कम BMI screening cut-off; gestational diabetes के बाद ज़िंदगी भर screening।
- Anjana RM, Unnikrishnan R, Deepa M, et al. Metabolic non-communicable disease health report of India: the ICMR-INDIAB national cross-sectional study. Lancet Diabetes and Endocrinology, 2023. इससे जुड़ी जानकारी: 2008 से 2020 के बीच 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 साल और ज़्यादा उम्र के 113,043 वयस्क; 2021 में diabetes 11.4% और लगभग 101 million लोग; prediabetes 15.3% और लगभग 136 million लोग; शहर और गाँव का फ़र्क।
- Indian Council of Medical Research. ICMR Guidelines for Management of Type 2 Diabetes. 2018. इससे जुड़ी जानकारी: भारतीयों में type 2 diabetes दस साल पहले; 30 से ऊपर screening और risk factors होने पर पहले, जैसे 23 या ज़्यादा BMI, 90 cm और 80 cm से ज़्यादा कमर, PCOS और पहले gestational diabetes; WHO की prediabetes ranges।
- Research Society for the Study of Diabetes in India. RSSDI Clinical Practice Recommendations for the Management of Type 2 Diabetes Mellitus 2022. 2022. इससे जुड़ी जानकारी: India में 25 की उम्र से हर साल diabetes risk की जाँच।
- National Center for Biotechnology Information. Introduction to Diabetes. The Genetic Landscape of Diabetes. NCBI Bookshelf. इससे जुड़ी जानकारी: Greek में diabetes का मतलब siphon; Thomas Willis ने 1674 में mellitus, यानी Latin में शहद, जोड़ा; प्राचीन भारत में चींटियों को खींचने वाले मीठे पेशाब का वर्णन।
- Riddle MC, Cefalu WT, Evans PH, et al. Consensus Report: Definition and Interpretation of Remission in Type 2 Diabetes. Diabetes Care, 2021. इससे जुड़ी जानकारी: remission का मतलब दवाएँ बंद करने के कम से कम 3 महीने बाद HbA1c 6.5% से कम; cure की जगह remission शब्द; साल में कम से कम एक बार जाँच।
- American Diabetes Association Professional Practice Committee. 9. Pharmacologic Approaches to Glycemic Treatment: Standards of Care in Diabetes—2026. 2026. इससे जुड़ी जानकारी: type 1 diabetes में insulin; type 2 diabetes में metformin और दूसरे दवा groups; दिल और kidney की सुरक्षा के हिसाब से दवा चुनना।
- American Diabetes Association Professional Practice Committee. 15. Management of Diabetes in Pregnancy: Standards of Care in Diabetes—2026. 2026. इससे जुड़ी जानकारी: gestational diabetes में पहले lifestyle में बदलाव और ज़रूरत हो तो insulin।
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- Diabetes: लक्षण, tests, इलाज और भारतीय खाना: diagnosis, इलाज और खतरे के संकेतों का पूरा overview।
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